टोटल लॉकडाउन के बीच ड्रोन के जरिए पुलिस की चप्पे-चप्पे पर नजर

टोटल लॉकडाउन के बीच ड्रोन के जरिए पुलिस की चप्पे-चप्पे पर नजर

अशोकनगर।अलीम डायर।

कोरोनावायरस के चलते संपूर्ण भारतवर्ष को 14 अप्रैल तक लॉक डाउन किया गया है और आगे भी इसके बढ़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। ऐसे में लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की गई है तो वहीं अशोकनगर जिला प्रशासन की ओर से खाद्य सामग्री एवं घर की जरूरी चीजों के लिए लोगों को कुछ समय की मोहलत दी गई थी।

जिसका समय था 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक के लिए लेकिन लोगों द्वारा इसका नाजायज फायदा उठाया जा रहा था तो जिला प्रशासन ने इसका समय कम करते हुए 7:00 बजे से 10:00 बजे तक कर दिया इसके बावजूद भी लोग बेवजह बाजार में सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाते हुए कलेक्टर मंजू शर्मा द्वारा 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2020 तक संपूर्ण अशोकनगर जिला टोटल लोक डाउन की घोषणा की गई है।

जिसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा मुंगावली नगर के चप्पे-चप्पे पर ड्रोन कैमरे द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है कि कहीं कोई शरारती या असामाजिक तत्व किसी गैर कानूनी घटना को अंजाम न दे सके और लोगों में इसका डर भी रहे कि पुलिस उन पर नजर रखें। इसी दौरान नगर वासियों को हिदायत भी दी जा रही है कि टोटल लोक डाउन के 2 दिनों के अंदर कोई भी व्यक्ति अनावश्यक घूमता फिरता पाया गया तो उस पर सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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