सियासी संकट: BJP को तगड़ा झटका, 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा, अल्पमत में सरकार

सियासी संकट: BJP को तगड़ा झटका, 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा, अल्पमत में सरकार

मणिपुर। कोरोना संकटकाल (corona crisis) के बीच देश के अलग अलग राज्यों में सियासी घमासान जारी है।बीते महिनों मध्यप्रदेश(madhypradesh) में उठापटक हुई और कांग्रेस(congress) की सरकार गिर गई । अब मणिपुर में बीजेपी (bjp)की गठबंधन सरकार खतरे में आई गई है। यहां बीजेपी के तीन विधायकों(MLAs) ने बगावत करके इस्तीफा दे दिया है और कांग्रेस मे शामिल हो गए है।इतना ही नही सत्तारूढ़ दल नेशनल पीपुल्‍स पार्टी (NPP) के भी चार विधायकों ने मंत्रीपद छोड़ दिया है। इसके अलावा एक टीएमसी विधायक(TMC MLA) और एक निर्दलीय विधायक ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है।इस सियासी संकट के बीच सीएम बिरेन सिंह (CM Biren Singh) की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन (President’s Rule) लगाए जाने का फैसला भी हो सकता है, वहीं, कांग्रेस सरकार बनाने का दावा कर सकती है।

बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले तीनों विधायकों के नाम एस सुभाषचंद्र सिंह, टीटी हाओकिप और सैमुअल जेंदई हैं। इनके अलावा नेशनल पीपुल्‍स पार्टी (NPP) की ओर से डिप्‍टी सीएम वाई जॉयकुमार सिंह, मंत्री एन कायिसी, मंत्री एल जयंत कुमार सिंह और लेतपाओ हाओकिप ने पद से इस्‍तीफा दिया है।तृणमूल कांग्रेस के टी रोबिंद्रो सिंह और स्वतंत्र विधायक शाहबुद्दीन ने भी बीजेपी से समर्थन वापस ले लिया है।

कांग्रेस ने किया सरकार बनाने का दावा
कांग्रेस के नेता इबोबी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार बनाने का दावा पेश किया है। कांग्रेस के पास फिलहाल 19 विधायक हैं, उसे एनपीपी के चार और टीएमसी सहित एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन मिल सकता है, इस तरह कांग्रेस को 25 विधायकों का समर्थन हासिल हो सकता है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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