मास्क न पहनने के सवाल पर भड़कीं रामबाई, बोली- घुटन होती हैं, क्या मर जाऊं?

मास्क न पहनने के सवाल पर भड़कीं रामबाई, बोली- घुटन होती हैं, क्या मर जाऊं?

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। अपने बयानों और कार्यशैली को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली पथरिया विधायक रामबाई (Rambai) इस बार मास्क न लगाने को लेकर चर्चा में हैं। विधानसभा में बिना मास्क लगाए बैठी उनकी तस्वीर मीडिया में आने के बाद वे भड़की हुई हैं। उनसे एक मीडियाकर्मी ने जब इस पर सवाल पूछ लिया तो कहा कि मुझे घुटन होती है क्या आप चाहते हैं मैं मर जाऊं। इतना ही नहीं विधायक रामबाई (Rambai) ने मीडियाकर्मी पर भड़कते हुए उसे अनपढ़ तक कह दिया।

पथरिया से विधायक रामबाई (Rambai) दबंग और बेबाक छवि के लिए जानी जाती हैं। जब वे विधानसभा में बिना मास्क लगाए पहुंची तो उन्होंने तर्क दिया कि इससे उन्हें घुटन होती है, उल्टियां होती हैं। बाहर निकलने पर उनसे जब मीडियाकर्मी ने मास्क नहीं लगाने की वजह पूछी तो वे भड़क गई। रामबाई (Rambai) ने कहा कि मेरे अलावा भी तो यहाँ बहुत से लोग हैं जो मास्क नहीं लगाए, मुझे ही क्यों पकड़ रहे हो? मीडियाकर्मी ने जब ये कहा कि आप जनप्रतिनिधि है तो विधायक रामबाई (Rambai) बोली नहीं हूँ जनप्रतिनिधि अब ठीक है।

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जब विधायक रामबाई (Rambai) से पूछा गया कि मास्क नहीं लगाकर आप मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की अवहेलना नहीं कर रहीं, तो वे बोली मैं किसी की अवहेलना नहीं कर रही , मेरी खुद की कुछ समस्या है। इसको लगाकर आप चाहतें हैं कि मैं मर जाऊं, लगा लूँ और मर जाऊं, तब तो आप नहीं दिखाओगे। वे बोलीं मुझे मास्क लगाकर घुटन होती है, उल्टियां होती हैं ठीक है। इतना कहकर वे मीडियाकर्मी से बोली आप एक और लगा लो कमी हो तो। ये कहते हुए वे अपनी गाडी में बैठ गई।  मीडियाकर्मी ने कहा कि मतलब आप कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करेंगी। इतना सुनकर विधायक रामबाई (Rambai) भड़क गई वे बोली आप माइक पकड़ने के अलावा थोड़ा बुद्धि का भी इस्तेमाल कर लिया करो, पढ़े हो नहीं तभी तो पकडे फिर रहे हो माइक, इतना कहकर वे गाड़ी से निकल गई।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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