
Save the Constitution Remove Anarchy rally Haryana Amit Shah
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी द्वारा PM Modi को डिबेट के लिए दी गई चुनौती पर जवाब दिया है, हरियाणा के करनाल में आयोजित लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ रैली में उन्होंने कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन के सभी दलों को निशाने पर लिया। गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा, उन्होंने कहा आपसे तो तो हमारा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष ही डिबेट कर लेगा।
अमित शाह ने कह भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली का आज अंतिम दिन है। 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर के सभी मुख्यालयों पर इस रैली का आयोजन किया गया। हर जगह पर इसी प्रकार का उत्साह और ऐसी ही भीड़ हमने देखी है। लगातार तीसरी बार देश की जनता ने नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना। 2024 में तीसरी बार बड़े बहुमत के साथ नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री चुनकर आए। 2024 के बाद लगातार राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की हार हुई।
अमित शाह ने कहा लोकतंत्र में संसद चर्चा का सर्वोपरि स्थान है लेकिन राहुल गांधी आप संसद चलने नहीं देते हो, मुद्दों पर चर्चा नहीं करते हो। संसद में शोर-शराबा, बहिष्कार करने को आपने कांग्रेस का कल्चर बना दिया है। संसद चलने नहीं देनी है और रोड पर भीड़ इकट्ठा करके अराजकतावादी की तरह अराजकता फैलानी है।
गृह मंत्री ने कहा राहुल बाबा को पता है कि वह हारने वाले हैं, इसीलिए वह अपनी हार के लिए चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को दोष देते हैं। राहुल बाबा 2014 में SIR कहाँ था? तब भी तो आपका पूरी तरह से सफाया हो गया था। 2019 में SIR कहाँ था? तब भी आप हार गए थे। 2024 में भी कोई SIR नहीं था, फिर भी आप हार गए। हरियाणा में कोई SIR नहीं था। महाराष्ट्र में कोई SIR नहीं था।
अमित शाह ने कहा राहुल बाबा आप हर जगह हार गए और अब आप दावा कर रहे हैं कि एक करोड़ वोट हटा दिए गए हैं, मैं राहुल गांधी को सीधे चुनौती देना चाहता हूँ। आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चर्चा के लिए चुनौती देते हैं न? अगर आप चर्चा करना चाहते हैं, तो बस प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिख दें। हम SIR प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं।
राहुल जी देश की जनता आपके, कांग्रेस और INDI गठबंधन के साथ नहीं
गृह मंत्री ने कहा राहुल बाबा देश की जनता आपके, कांग्रेस और INDI गठबंधन के साथ नहीं है। हमारी एक एक रैली में हजारों लोग होते हैं। आपने दिल्ली में पूरे देश से लोग बुलाए, 10 लाख लोगों का आह्वान किया, मैदान की क्षमता ही 70 हजार है, वो भी आधा खाली था। अब जनता आपके झांसे में नहीं आने वाली। मोदी ने कहा इन्होंने रैली का दिन 1 नवंबर चुना, सबको याद है कि 1 नवंबर 1984 को सिख दंगे कांग्रेस पार्टी ने कराए थे और हजारों निर्दोष सिखों का नरसंहार किया गया था।
तंज, राहुल जी आपके आने के बाद कांग्रेस के विधायक कम होते चले गए
गृह मंत्री अमित शाह ने हमारे यहां कोई भी काम लेने जाता है, तो पूछते हैं कि पहले क्या करते थे? राहुल गांधी से भी जनता पूछती है कि अपना पहले का रिकॉर्ड बताइए। मैं बताता हूं कि 2007 में राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के महासचिव बने, तब इनके 1200 विधायक थे। जब ये उपाध्यक्ष बने तो 900 विधायक रह गए। अध्यक्ष बने, तो इनके विधायकों की संख्या 900 से घटकर 700 रह गई। 2022 में भारत जोड़ो यात्रा निकाली तो वो और भी कम होकर 600 रह गए।
जनता की भलाई के लिए योजनाओं पर चर्चा सड़क पर नहीं संसद में होती है
गृह मंत्री ने कहा देश की जनता को तय करना है कि देश की कानून बनाने की प्रक्रिया, देश की समस्याओं पर चर्चा, देश की जनता की भलाई के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं पर चर्चा सड़क पर नहीं संसद में होग। राहुल गांधी अगर सड़क और चर्चा करने का इतना ही शौक है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। आप मोदी जी को कहते हो स्थान बताओ, वो तो बाद में आएंगे। आप हमें हरियाणा के किसी चौराहे के स्थान बताओ, मेरा युवा मोर्चा के अध्यक्ष आकर आपसे चर्चा करेगा।
श की जनता को तय करना है कि देश की कानून बनाने की प्रक्रिया, देश की समस्याओं पर चर्चा, देश की जनता की भलाई के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं पर चर्चा रोड पर नहीं संसद में होगी।
राहुल गांधी जी अगर सड़क और चर्चा करने का इतना ही शौंक है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है।
आप मोदी जी को कहते… pic.twitter.com/DQA0D9taM8
— BJP (@BJP4India) November 5, 2026
हमारे यहां कोई भी काम लेने जाता है, तो पूछते हैं कि पहले क्या करते थे?
राहुल गांधी से भी जनता पूछती है कि अपना पहले का रिकॉर्ड बताइए।
मैं बताता हूं कि 2007 में राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के महासचिव बने, तब इनके 1200 विधायक थे।
जब ये उपाध्यक्ष बने तो 900 विधायक रह गए।
अध्यक्ष… pic.twitter.com/w2ceuAcQeg
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

