छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरु होगी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी, किसान 10 नवंबर से एप से प्राप्त कर सकेंगे टोकन, जानें रेट और अन्य डिटेल्स

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरु होगी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी, किसान 10 नवंबर से तुंहर टोकन एप से ले सकेंगे टोकन, एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य,3100 प्रति क्विंटल मिलेगा भाव
Paddy Procurement

छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाएगा।इस अवधि में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जाएगी।

एग्रीस्टेक आईडी युक्त विगत वर्ष के पंजीकृत सभी किसानों को धान विक्रय के लिए मान्य किया है, इन किसानों को अलग से पंजीयन की कोई आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही अलग से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की भी आवश्यकता नहीं होगी।

प्रदेशभर में कुल 3100 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान खरीदी की जायेगी। धान खरीदी के लिए समितियों में समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सभी केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ही खरीदी होगी।

किसान 10 नवंबर से प्राप्त कर सकेंगे टोकन

खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा ‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन जारी किए जाएंगे। इससे किसानों को धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त करने के लिए समितियों में लंबी कतारों में लगने से राहत मिलेगी। किसान घर बैठे 24 घंटे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

  • ‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। ऐप के माध्यम से किसान ओटीपी आधारित पंजीयन कर टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
  • किसान 10 नवंबर  से ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इसके अंतर्गत 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक की अवधि के लिए टोकन काटे जा सकेंगे।
  • समिति में निर्धारित प्रतिदिन की धान खरीदी सीमा का 70 प्रतिशत टोकन ऐप के माध्यम से तथा शेष 30 प्रतिशत टोकन समिति के माध्यम से जारी किए जाएंगे।
  • ऐप के माध्यम से निर्धारित 70 प्रतिशत खरीदी सीमा में से 80 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसानों तथा 20 प्रतिशत दीर्घ किसानों के लिए निर्धारित रहेगा।
  • दो एकड़ तक भूमि वाले लघु एवं सीमांत किसानों को एक टोकन, दो एकड़ से अधिक एवं 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को दो टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले दीर्घ किसानों को तीन टोकन प्रदान किए जाएंगे।
  • पूर्व वर्ष की भांति किसान अपनी धान विक्रय की मात्रा की प्रविष्टि कर टोकन प्राप्त कर सकेंगे। पात्रतानुसार दूसरे और तीसरे टोकन के माध्यम से शेष धान की मात्रा का भी विक्रय किया जा सकेगा।
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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