तो गुना में अब लक्ष्मण सिंह संभालेंगे सिंधिया की जगह

तो गुना में अब लक्ष्मण सिंह संभालेंगे सिंधिया की जगह

गुना।

ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस को अलविदा कहने के बाद गुना कांग्रेस में एक नया उत्साह और संचार का वातावरण देखने मिला है। कांग्रेस में बिगड़े हालात को संभालने के लिए दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने कमान संभाल ली और उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस छोड़ने के निर्णय को एक बहुत सामान्य घटना निरूपित किया है। राजीव गांधी कांग्रेस भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने आए लक्ष्मण सिंह ने कहा कि सिंधिया के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ा बल्कि अब गुना में कांग्रेस और अधिक मजबूत होगी, यह आज कांग्रेसजन के स्वतः स्फूर्त यहां इस कार्यक्रम में आने के बाद साबित हो गया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस पार्टी को छोड़ने के बाद कांग्रेस नेताओं ने आज गुना में पार्टी की आंतरिक शक्ति का अहसास करा दिया। राजीव गांधी कांग्रेस भवन में जिलेभर में कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा हुए, जिन्होंने एक सुर में पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे चांचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गुना जिले में एक मजबूत पार्टी बनकर उभरेगी और कार्यकर्ता जिसे पसंद करेंगे, वही आगामी जिलाध्यक्ष होगा। आपको बता दें कि सिंधिया के साथ पार्टी जिला अध्यक्ष विट्ठलदास मीना ने कांग्र्रेस को अलविदा कह दिया है। लिहाजा पार्टी में गहराए नेतृत्व संकट को लेकर आज लक्ष्मण सिंह आज कार्यकर्ताओं को संबल देने की यहां आए थे लेकिन कार्यक्रम में मौजूद उपस्थिति को देखकर उन्होंने अपने सम्बोधन में इसे ज़ाहिर कर दिया। इसी दरमियान शिवपुरी से आए एक कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी के प्रति अपने भाव व्यक्त करते हुए रो पड़े। जिसे लक्ष्मण सिंह ने सांत्वना देते हुए मजबूती से मैदान में जुट जाने का आव्हान किया। अचानक हुए इस कार्यक्रम में शिवपुरी, अशोकनगर, आरोन, कुंभराज, मुंगावली, ईसागढ़ सहित अनेक दूरस्थ ग्रामीण अंचल के कांग्रेस कार्यकर्ता ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

कार्यक्रम में सुमेर सिंह गढ़ा, पंडित कैलाश शर्मा, महावीर पांड्या, नूरूल हसन नूर, नरेंद्र लाहोटी, हीरेन्द्र सिंह पीलाघाटा, जिला पंचायत अध्यक्ष बल्लू चौहान, हरिशंकर विजयवर्गीय, समरजीत सिंह, अशोक भारद्वाज, मानसिंह परसौदा, शेखर वशिष्ठ, आनन्द पांडे, वीरेंद्र पंड्या, राजेन्द्र सिंह ख़यावदा, सत्यप्रकाश विजयवर्गीय, विश्वनाथ तिवारी, योगेंद्र योगी, राजेन्द्र तिवारी, वरुण सूद, हर्ष मेर, अशोकनगर से प्रेम नारायण पड़रिया, अशोक शर्मा, मुन्ना शर्मा, गिरिश जैन, मुंगावली से गणेश सोनी, उषा हरि, विजयवर्गीय, वंदना मांडरे, रूपकिरण कौर भारती शर्मा, रेखा जैन सहित अनेक महिलाएं मौजुद रहीं।

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