शाम को उतारना भूले तो रातभर लहराता रहा तिरंगा, दूसरे दिन सुबह भी नहीं उतरा

शाम को उतारना भूले तो रातभर लहराता रहा तिरंगा, दूसरे दिन सुबह भी नहीं उतरा

टीकमगढ़, आमिर खान

15 अगस्त सवतंत्रता दिवस दिन शनिवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसको दिन अस्त होने के पूर्व ही उतारना था। लेकिन जिम्मेदार उतारना भूल गए और तिरंगा अंधेरे के बीच रातभर फहरता रहा। टीकमगढ़ शहर के सिंचाई विभाग कालोनी स्थित विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्ध घुमक्कड़ जन जाती प्री मैट्रिक बालक छात्रावास में स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसको दिन अस्त होने के पूर्व ही उतारना था। लेकिन जिम्मेदार उतारना भूल गए और तिरंगा रातभर फहरता रहा।

इस छात्रावास के लापरवाह अमले ने दूसरे दिन भी तिरंगे को उतरवाना ठीक नहीं समझा, इसलिए तिरंगा झंडा खबर लिखे जाने तक भी फहराता रहा। रविवार सुबह लोगों की नजर फहरते तिरंगे पर पड़ी। इसे देखकर शोर-गुल शुरू हो गई। इतने के बाद भी प्रशासन नहीं जागा। स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को सुबह छात्रावास में ध्वजारोहण किया गया। नियमानुसार ध्वजारोहण पश्चात सूर्यास्त के पूर्व राष्ट्रीय ध्वज को उतारा जाना चाहिए, परंतु यहां पर ध्वजारोहण करने वाले इस नियम को भूल गए।

जिसका परिणाम यह रहा कि राष्ट्रीय ध्वज सूर्यास्त के बाद भी उतारा नहीं गया। गौरतलब हो कि भारतीय ध्वज संहिता में देश की राष्ट्रीय ध्वज (झंडा) को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं,जिसमें राष्ट्रीय ध्वज का साइज, कपड़ा, स्थान से लेकर अन्य सभी नियम हैं। इन्हीं नियमें ध्वजारोहण के समय को लेकर भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारी भवन पर झंडा रविवार और अन्य छुट्टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जाता है। केवल विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है। परंतु घोर लापरवाही के चलते नगर में देश के स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो गया।

इनका कहना

मैंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जानकारी मिलने पर एडीएम टीकमगढ़ को जांच के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही अभी तक तिरंगा न उतरना लापरवाही है। तत्काल यहां के लिए टीम को रवाना कराता हूं। – सुभाष कुमार द्विवेदी, कलेक्टर, टीकमगढ़

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