Indore: कोरोना से मुक्ति को लेकर प्रदेश स्तरीय संकटमोचक का अखंड पाठ

Indore: कोरोना से मुक्ति को लेकर प्रदेश स्तरीय संकटमोचक का अखंड पाठ

इंदौर।आकाश धोलपुरे

कोरोना का संकट प्रदेश में गहरात जा रहा है और ये ही वजह है कि प्रदेश सहित समूचे देश मे कोरोना की चाल को थामने के लिए संकटमोचक को याद किया जा रहा है। सोशल डिस्टेसिंग के जमाने मे प्रदेश में एक साथ एक ही समय पर 14 अलग अलग जिलों में हनुमान चालीसा का अखंड पाठ किया गया। संकट की घड़ी में संकटमोचक सारी विपदाओं से मानव जाति को दूर कर तारणहार बने इसके लिए प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, मंदसौर सहित भगवान हनुमान की आराधना की।

शनिवार को सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक किये गए अखंड हनुमान चालीसा का पाठ में बड़ी संख्या में युवाओ ने अपने परिवार के साथ बैठकर पूजा अर्चना भी की। बालवीर पवनपुत्र की अखंड 12 घण्टे की आराधना मध्यप्रदेश पश्चिमांचल माहेश्वरी युवा सँगठन और इंदौर जिला माहेश्वरी युवा सँगठन ने की। सोशल मीडिया के सहारे एक साथ मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने वाले युवाओं ने आध्यात्मिक आयोजन में सोशल सरकार के निर्देशों का पालन करने की बात भी कही। म प्र पश्चिमांचल माहेश्वरी युवा सँगठन और इंदौर जिला माहेश्वरी युवा सँगठन के अध्यक्ष राहुल मानधन्या ने बताया कि इस समय पूरा विश्व महामारी के दौर से गुजर रहा है और जैसा कि पुराणों में वर्णित है कि हर बुरे दौर में हमारे आराध्यदेव हनुमान जी ही हमे हर संकट से बाहर उबारते है इसीलिए हमने भी मानवजाति की भलाई और हमारी संस्कृति के अंतर्गत भगवान मारुति नन्दन की आराधना का दिन शनिवार चुना।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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