बुरहानपुर में कोरोना का बड़ा धमाका, एक साथ 35 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई

बुरहानपुर में कोरोना का बड़ा धमाका, एक साथ 35 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई

बुरहानपुर/शेख रईस

बुरहानपुर जिले (burhanpur) में कोरोना का बड़ा धमाका (corona explosion) हुआ है, आज दोपहर में आई कोविड-19 सैम्पल की जांच रिपोर्ट में एक साथ 35 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव (35 positive report) आने से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इससे पहले बुरहानपुर में कोरोना से 61 लोग संक्रमित हुए थे जिसमें से सोमवार को रि-सेम्पलिंग में संक्रमित 13 व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आने से सभी ने राहत की सांस ली थी। लेकिन आज आई रिपोर्ट में बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आने से प्रशासन सतर्क हो गया है। बता दें कि बुरहानपुर में अब तक कोरोना से 6 लोगो की मुत्यु हो चुकी है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सर्वे कर कर लोगो की जांच कर सेम्पलिंग जांच हेतु लिए जा रहे हैं।

लॉकडाउन 3 की अवधि खत्म होने जा रही है और लॉकडाउन 4 से पहले जब केंद्र और राज्य सरकार की मंशा आर्थिक गतिविधियों को खोलने की है, ऐसे में लगातार सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये सही कदम होगा। साथ ही ये बात भी उठती रही है कि अभी जांच के लिये सेंपल ही कम लिये जा रहे हैं, जैसे जैसे जांच की रफ्तार में तेज़ी आएगी, मरीज़ों की संख्या बढ़ेगी। बुरहानपुर में एक साथ 35 लोगों की रिपोर्ट एक अलार्मिंग स्थिति है कि अभी भी कोरोना से लड़ाई बहुत कड़े अनुशासन के साथ लड़नी होगी, वरना कहीं ऐसा न हो कि ये ब्लास्ट का रूप ले ले और फिर हम इसे संभालने की स्थिति में भी न रहें।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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