30 सितंबर तक निपटा लें बैंक, पोस्ट ऑफिस स्कीम और म्यूचुअल फंड से जुड़े ये काम, वरना होगा भारी नुकसान

30 सितंबर तक निपटा लें बैंक, पोस्ट ऑफिस स्कीम और म्यूचुअल फंड से जुड़े ये काम, वरना होगा भारी नुकसान

30 September Deadline Alert: सितंबर का महिना खत्म होने और अक्टूबर की शुरुआत में केवल 11 दिनों का समय बाकी है। इसी के साथ-साथ 30 सितंबर कई वित्तीय कार्यों को पूरा करने की डेडलाइन है। अक्टूबर की शुरुआत से पोस्ट ऑफिस की कुछ योजनाएं, एसबीआई और BOB बैंक और म्यूचुअल फंड से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव होने जा रहा है। सही समय पर काम पूरा न होने पर आपको नुकसान भी हो सकता है।

बैंक से जुड़े ये 3 काम जल्द करें पूरा

यदि आपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या बैंक ऑफ बड़ौदा में लॉकर खुलवा रखा है तो जल्द -जल्द से नए समझौते पर साइन कर लें। इस संबंध में एसबीआई और बीओबी ग्राहकों को मैसेज भी भेज रहे हैं, यदि आपको भी ऐसा मैसेज मिला है तो 31 सितंबर तक यह कार्य पूर्ण कर लें। इसके अलावा ग्राहकों एसबीआई के “We Care” स्कीम का लाभ 30 सितंबर तक ही उठा सकते हैं। वहीं 2000 रुपये के नोटों को बदलवाने की अंतिम तारीख भी 30 सितंबर है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले करें ये काम

मार्च में मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एक सर्कुलर जारी करते हुए निवेशकों को फंड में नॉमिनी जोड़ने की सलाह दी थी। इस कार्य को पूरा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है

पोस्ट ऑफिस स्कीम से जुड़ा जरूरी काम जल्द करें पूरा

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और अन्य डाकघर की योजनाओं का लाभ उठाने वाले निवेशक जल्द-जल्द इन योजनाओं से अपना आधार कार्ड जुड़वा लें। इस कार्य को पूरा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। काम पूरा न होने पर आपका  खाता फ्रीज़ हो सकता है।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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