ग्राहकों की हुई मौज, आरबीआई एमपीसी के फैसले से पहले इन 2 बड़े बैंकों ने बढ़ा दिया FD पर ब्याज, जानें नई दरें

Bank fd rates

Bank FD Rates: आरबीआई एमपीसी की बैठक 6 फरवरी से शुरू हो चुकी है। 8 फरवरी को मीटिंग का फैसला आएगा। इससे पहले देश के दो बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में संशोधन कर दिया है। बता दें कि मौद्रिक नीति समीक्षा के बैठक के दौरान रेपो रेट को लेकर भी फैसला होगा। रेपो दरों का संबंध एफडी से भी होता है। इसमें वृद्धि होने पर बैंक लोन के एमसीएलआर रेट और एफडी के ब्याज दरों में वृद्धि करते हैं।

इन बैंकों ने किया एफडी के ब्याज दरों में बदलाव

इन बैंकों ने नाम एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और ऐक्सिस बैंक (Axis Bank) हैं। एचडीएफसी बैंक ने 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के बल्क डिपॉजिट के दरों में संशोधन किया है। वहीं ऐक्सिस बैंक ने 2 करोड़ से कम के डॉमेस्टिक डिपॉजिट के ब्याज दरों में वृद्धि कर दी है।

hdfc fd rates
एचडीएफसी बैंक एफडी की ब्याज दरें

एचडीएफसी बैंक एफडी रेट्स

बैंक 7 दिन से लेकर 3 साल के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 4.75% से लेकर 7.40% ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए दरें 5.25% से लेकर 7.90% हैं। सबसे ज्यादा इंटरेस्ट बैंक 1 साल से लेकर 15 महीने से कम के डिपॉजिट पर दे रहा है। 2 साल से 3 साल के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 7% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.50% ब्याज मिल रहा है।

ऐक्सिस बैंक एफडी रेट्स

ऐक्सिस बैंक ने भी डोमेस्टिक और एनआरआई दोनों ही एफडी के ब्याज दरों में बदलाव किया है। 5 करोड़ से अधिक की डिपॉजिट के लिए नई दरें 6 फरवरी से लागू होंगी। वहीं 5 करोड़ से कम के लिए नई दरें 5 फरवरी से प्रभावी हैं। बैंक 7 दिन से लेकर 10 साल के एफडी पर सामान्य नागरिकों 3% से लेकर 7.10% ब्याज ऑफर कर रहा है। वारिष्ठ नागरिकों के लिए दरें 3.50% से लेकर 7.75% हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews