Bank FD: एफडी में निवेश करने वाले ग्राहकों को अब मिलेगा ज्यादा रिटर्न, ब्याज दरों में होगी वृद्धि, ये है वजह

bank fd

Bank FD: गणेश चतुर्थी से पहले फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। देश के ज्यादातर बैंक एफडी के ब्याज दरों में वृद्धि कर सकते हैं। यदि आप एफडी में निवेश की योजना बना रहे हैं तो यह आपके के लिए अच्छा मौका साबित हो सकता है।

ये है वजह

एक तरफ जहां रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इंक्रीमेंटल कैश रेशियो को लेने पर भी बैंकों को लाभ होने वाला है। वहीं फेस्टिव सीजन से पहले अधिकांश बैंक ग्राहकों को आकर्षित करने और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एसेट-लायबिलिटी मिसमैच को दूर करने की तैयारी में जुटे हैं। इसके अलावा जमा की तुलना में Loans में तेजी से ग्रोथ होने से भी डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

ब्याज दरों में कितनी हो सकती है वृद्धि?

एक्स्पर्ट्स का मानना है कि कई बैंक एफडी से ग्राहकों को जोड़ने के लिए ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स यानि 0.25 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर सकते हैं। बता दें कि रेपो रेट में बदलाव न होने के बाद भी कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में बदलाव किया है। इस लिस्ट में पब्लिक सेक्टर का पंजाब नेशनल बैंक भी शामिल है।

कहाँ मिल रहा ज्यादा ब्याज?

वर्तमान में कई स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर आकर्षक ब्याज ऑफर कर रहे हैं, जो सरकारी बैंकों के मुकाबले काफी ज्यादा है। यूनिटी बैंक 1001 दिनों के अवधि पर 9 फीसदी इंटरेस्ट दे रहा है। वहीं सरकार बैंक पंजाब और सिंध बैंक एफडी पर अधिकतम 7.4 फीसदी बया ऑफर कर रहा है, जो पब्लिक सेक्टर बैंकों में सबसे ज्यादा है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews