Bank FD Rates: ग्राहकों की हुई मौज, इन 3 बैंकों ने एफडी पर बढ़ाया ब्याज, इतनी हुई दरों में वृद्धि

bank fd rates

Bank FD Rates: हाल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट में इजाफा किया है। जिसके बाद कई बैंकों ने लोन महंगा कर दिया है। दूसरी तरफ कई बैंकों द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में इजाफा किया गया है। जिसका लाभ ग्राहकों को होगा। बचत के लिए एफडी काफी असरदार तरीका माना जाता है। हाल ही में कुछ बैंकों ने Fixed Diposite की विभिन्न योजनाओं पर ब्याज दर बढ़ाया है। इस लिस्ट में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और यस बैंक शामिल हैं।

यस बैंक एफडी

Yes Bank ने 2 रुपये से कम की एफडी पर 25-50 बीपीएस का इजाफा कर दिया है। दरों में 3.25 फीसदी से लेकर 8 फीसदी की वृद्धि की गई है। नई दरें लागू भी हो चुकी हैं। वरिष्ट नागरिकों ज्यादा लाभ होगा। 35 नहीने से 36 महीने ही योजना पर वरिष्ट नागरिकों को 8% ब्याज मिलेगा। वहीं स्मान्य नागरिकों को 7.50% ब्याज मिलेगा। 1 साल से 15 महीने की स्कीम पर वरिष्ट नागरिकों के लिए दरें 7.71 फीसदी है और समान्य नागरिकों के लिए 7.50% हैं।

आईसीआईसीआई बैंक

ICICI बैंक ने भी बल्क एफडी पर ब्याज बढ़ा दिया है। दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। बैंक ने एक महीने में दूसरी बार इंटरेस्ट रेट बढ़ाया है। 7 दिन से लेकर 10 साल की एफडी पर 4.75% से लेकर 7.15% का ब्याज मिल रहा है। सबसे ज्यादा लाभ ग्राहकों को 15 महीने की योजना पर होगा।

एचडीएफसी बैंक

HDFC बैंक ने भी ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है। दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। समान्य नागरिकों को विभिन्न फिक्स्ड डिपॉजिट की योजनाओं पर 3 फीसदी से लेकर 7.10 फीसदी का ब्याज मिलेगा। नई दरें कुछ दिनों पहले ही लागू हो चुकी हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews