बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव: अक्टूबर में लागू होंगे 7 नए नियम, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर  

अक्टूबर में बैंकिंग से जुड़े कई नए नियम लागू होंगे। सर्विस चार्ज में बदलाव होगा। चेक क्लियरेंस में अब कम समय लगेगा। लोन से जुड़े नियमों में संशोधन होने वाला है। आइए जानें अगले महीने क्या-क्या बदलेगा?
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अक्टूबर का महीना बेहद ही खास होने वाला है। बैंकिंग सेक्टर में कई नए नियम (Banking New Rules) लागू होंगे। जिसका सीधा प्रभाव खाताधारकों पर पड़ेगा। पंजाब नेशनल बैंक और यस बैंक ने कई सेवाओं के शुल्क में संशोधन का ऐलान किया है। एचडीएफसी बैंक भी इंपेरिया कस्टमर्स के लिए नए नियम लागू करने जा रहा है। लोन से संबंधित आरबीआई के नए दिशानिर्देश भी 1 अक्टूबर से लागू होंगे। वहीं अक्टूबर की चौथी तारीख को चेक क्लियरेंस से संबंध नया नियम लागू होगा।

एचडीएफसी बैंक ने इंपीरिया प्रोग्राम की पात्रता से संबंधित नियमों में बदलाव किया है। जो ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे जिन। लोगों ने इस प्रोग्राम को 30 जून या इससे पहले ज्वाइन किया है, उन्हें टोटल रिलेशनशिप वैल्यू (टीआरवी) क्राइटेरिया को पूरा करना होगा। ताकि उन्हें प्रीमियम बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट पर इस बात की घोषणा की है।

इन दो बैंकों ने बदले सर्विस चार्ज 

पीएनबी सर्विस चार्ज:- पंजाब नेशनल बैंक  ने नॉन क्रेडिट संबंधित कई सेवाओं के शुल्क में बदलाव करने का फैसला किया है। नए नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। चेक बुक, पेमेंट इंस्ट्रक्शंस, लॉकर शुल्क नॉमिनेशन और स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन शुल्क में बदलाव किए गए हैं। लॉकर की फीस अब लोकेशन और साइज़ पर निर्भर करेगी।

यस बैंक सैलरी अकाउंट शुल्क:– यस बैंक ने सैलरी अकाउंट से संबंधित शुल्क में बदलाव किया है। जिसमें कैश ट्रांजैक्शन, डेबिट कार्ड शुल्क, एटीएम विड्रोल इत्यादि शामिल हैं। अब स्मार्ट सैलरी एडवांटेज अकाउंट पर डेबिट कार्ड के लिए 199  रुपये चार्ज का भुगतान करना होगा। बाकी अन्य अकाउंट पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। वहीं मेट्रो के लिए ट्रांजैक्शन लिमिट 3 और नॉन मेट्रो सिटी के लिए 5 है।  थी निर्धारित सीमा से अधिक फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए 23 रुपये और नॉन फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए 10 रुपये शुल्क लगेगा। स्मार्ट सैलरी अकाउंट और स्मार्ट सैलरी प्लैटिनम प्रो अकाउंट के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।

आरबीआई ने किया लोन से इन जुड़े नियमों में बदलाव 

आरबीआई ने लोन से संबंधित नियमों में बदलाव किया है। बैंकों को निर्देश जारी किए गए हैं, जिसका पालन 1 अक्टूबर 2025 से करना होगा। नए नियमों के तहत अब बैंक फ्लोटिंग रेट लोन पर ब्याज दर के कुछ घटकों को कम कर सकते हैं। ताकि उधारकर्ताओं को 3 साल की सीमा से पहले लाभ मिल सके। ऋणदाता अपने विवेकानुसार फ्लोटिंग रेट्स को फिक्स्ड रेट्स में स्विच करने का विकल्प भी ऑफर कर सकते हैं।

बैंकों को आमतौर पर किसी भी रूप में सोना या चांदी खरीदने या प्राथमिक सोना चांदी कॉलेटरल पर लोन देने से प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि जौहरियों को कार्यशील पूंजी ऋण देने के लिए अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के लिए अलग प्रावधान की अनुमति दी गई है। इसके अलावा आरबीआई ने  विदेशी मुद्रा या रुपए मूल्य वर्ग वाले बॉन्ड में नामित पीडीआई के लिए पात्र सीमाओं में भी बदलाव किया है। बैंकों को विदेशी बाजारों के जरिए टियर-1 पूंजी बढ़ाने के लिए अटरिक्त गुंजाइश मिलेगी।

चेक क्लियरेंस से जुड़ा नया नियम 

आरबीआई ने चेक क्लियरेंस से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। 4 अक्टूबर से नई प्राणली लागू होगी। वर्तमान में चेक क्लीयरिंग के लिए 2 दिन का समय लगता है। लेकिन अब चेक प्रस्तुत करने के कुछ केवल कुछ घंटे में यह काम पूरा किया जाएगा। CTS को “निरंतर समावेशन और प्राप्ति पर पर निपटान” सिस्टम से बदला जाएगा।

Manisha Kumari Pandey
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