1 अप्रैल से बदल जाएंगे ज़ीरो बैलेंस सेविंग्स अकाउंट से जुड़े कई नियम, मिलेंगी ये सुविधाएं, ग्राहक जरूर जान लें

आरबीआई ने बेसिंग सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट के जुड़े नियम बदले हैं। अप्रैल 2026 की शुरुआत से ये बदलाव भी लागू हो जाएंगे। खाताधारकों को अनलिमिटेड यूपीआई ट्रांजेक्शन समेत अनेक सेवाओं का लाभ मिलेगा। 
Banking New Rules october 2026

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अप्रैल 2026 का महीना वित्तीय मामलों को के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट से जुड़े (Basic Savings Bank Deposit Account) कई नए नियम 1 अप्रैल से लागू होने वाले हैं। जिसकी घोषणा आरबीआई ने दिसंबर 2025 में ही कर दी थी। जीरो बैलेंस खाताधारकों को कोई सुविधाओं का लाभ मिलेगा। जिसकी जानकारी उन्हें पहले से होनी चाहिए।

पहले बैंक डिपॉजिट के कुछ निश्चित संख्या के बाद बैंक चार्ज वसूल सकते थे। लेकिन 1 अप्रैल से बीएसबीडी अकाउंट के लिए किसी प्रकार नो-कैश डिपॉजिट चार्ज नहीं लगेगा। इससे पहले आरबीआई द्वारा यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए कोई भी आधिकारिक सीमा तय नहीं की गई थी। कई बैंक इस पर इंटरनल लिमिट तय करते थे। लेकिन नए  नियमों के तहत ग्राहकों को अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन की अनुमति दी जाएगी।

कौन खुलवा सकता है BSBD खाता?

अप्रैल 2026 से बैंक इनकम, बैकग्राउंड या प्रोफाइल के आधार पर बीएसबीडी अकाउंट को खोलने से मना नहीं कर सकते हैं। जबकि पहले बैंक को इनकम या प्रोफाइल के आधार पर ऐसे खाता खोलने से मना करने की अनुमति थी। इतना ही नहीं पहले पहले कई सेवाएं सीमित थी। लेकिन अब सभी के बैंकिंग सेवाओं का लाभ खाता धारकों को मिलेगा। प्रत्येक व्यक्ति केवल एक ही बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट खोल सकता है। अब ग्राहकों को बीएसबीडी और रेगुलर सेविंग अकाउंट दोनों एक साथ खोलने की अनुमति नहीं होगी। कस्टमर बीएसबीडी या रेगुलर यादोनों में से किसी एक को चुन सकते हैं।

इन सेवाओं का लाभ मिलेगा 

आरबीआई ने निर्देशानुसार बैंक को कुछ सेवाएं मुफ़्त में खाताधारकों को ऑफर करनी होगी। इसके लिए कोई न्यूनतम बैलेंस रखने अनुमति भी नहीं होगी।  इसके अलावा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ट्रांजेक्शन करना, एक महीने में किए जाने वाले जमा की संख्या या राशि पर कोई लिमिट न होना, एटीएम कार्ड/एटीएम-कम- डेबिट कार्ड जारी करते समय या रिन्यू करते समय की वार्षिक शुल्क न लेना जैसे सुविधाएं भी शामिल हैं।

हर साल कम से कम 25 चेक वाले चेक बुक बैंकों को फ्री में उपलब्ध करवाना होगा। इंटरनेट मोबाइल बैंकिंग की सुविधा भी मुफ्त होगी। पासबुक के बदले अकाउंट का मासिक विवरण प्रिंट में या ईमेल में फ्री में दिया जाएगा। इसके अलावा पिछली पासबुक के पासबुक के भर जाने पर नया पासबुक जारी करने के लिए भी बैंक किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेगा। एक महीने में कम से कम चार मुफ्त निकासी की अनुमति होगी। हालांकि यह एटीएम लेनदेन को छोड़कर पॉइंट ऑफ सेल, एनईएफटी, आरटीजीएस, आईएमपीएस यदि प्लेटफ़ॉर्म के जरिए किए गए ट्रांजेक्शन पर लागू नहीं होगा।

Manisha Kumari Pandey
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