Payment System: आरबीआई का बड़ा प्लान, पेमेंट सिस्टम में होगा बदलाव, झटपट होगा भुगतान, आसान हो जाएगी इंटरनेट बैंकिंग

rbi, payment system

Digital Payment System: डिजिटल पेमेंट या इंटरनेट बैंकिंग ने पैसों से लेनदेन को आसान बना दिया है। लोगों को अब भुगतान के लिए कैश की जरूरत पड़ती। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पेमेंट सिस्टम को और भी आसान और फास्ट बनाने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही इंटर ऑपरेबल पेमेंट सिस्टम (Interoperable Payment System) की शुरुआत हो सकती है।

पेमेंट सिस्टम से मिलेंगे कई फायदे

इस पेमेंट सिस्टम के जरिए लोग आसानी से बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड, टैक्स इत्यादि का भुगतान ऑनलाइन कर पाएंगे। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास (Shakti Kant Das) के मुताबिक इस साल इंटर ऑपरेबल पेमेंट सिस्टम शुरू होने की संभावना है। इस प्रणाली के जरिए कारोबारियों को धन के त्वरित निपटान की सुविधा मिलेगी। यह डिजिटल पेमेंट में पारदर्शिता लाएगा। साथ ही यूजर्स के बीच भरोसा बढ़ाएगा। इस बात की जानकारी केन्द्रीय बैंक के गवर्नर ने डिजिटल भुगतान जागरूकता समारोह में दी है।

आरबीआई ने दी भुगतान प्रणाली के लिए मंजूरी

कई पेमेंट एग्रीगेटर होने से एक बैंक के लिए सभी के साथ एकीकृत होना काफी मुश्किल होता है। एक पेमेंट सिस्टम के अभाव और ऐसे ट्रांजेक्शन के लिए अलग-अलग नियम होने से व्यापारियों को भुगतान राशि मिलने में देरी होती है। जिससे निपटान जोखिम भी बना रहता है। इसलिए आरबीआई ने भुगतान दृष्टिकोण 2025 में इंटरनेट बैंकिंग लेनदेन के लिए Interoperable Payment System लाने की योजना बनाई है। इसके लिए आरबीआई ने NPCI भारत बिलपे लिमिटेड को सिस्टम लाने के लिए हरी झंडी भी दिखा दी है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews