पब्लिक सेक्टर के केनरा बैंक ने फॉरेक्स सर्विस से जुड़े नियमों (Canara Bank Rules) में बदलाव किया है। आधिकारिक वेबसाइट पर इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया है। फॉरेक्स ट्रांजेक्शन के लिए मौजूद शुल्क में संशोधन किया है। तीन नए चार्जेस लागू करने का ऐलान किया है। नए नियम 2 फरवरी 2026 से लागू होंगे। ग्राहकों को इसकी जानकारी होनी चाहिए।
निर्यात लेनदेन के लिए एक लाख रुपये तक के लेनदेन पर 100 रुपये प्रति एसबी शुल्क देना होगा। 1 लाख से अधिक और चार लाख रुपये तक 250 रुपये शुल्क लगेगा। 4 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर 500 रुपये और 10 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन पर 1000 रुपये प्रति शिपिंग बिल शुल्क लगेगा। बैंक के इस फैसले का प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा, जो आयात- निर्यात से जुड़े हैं। केनरा बैंक ने स्पष्ट किया है कि रेमिटेंस प्रोसेसिंग के दौरान ही इंपोर्ट ट्रांजैक्शन के लिए सर्विस चार्ज वसूल किए जाएंगे।
वर्तमान में क्या हैं नियम?
फिलहाल ई-कॉमर्स के अलावा शिपिंग बिल के लिए 5,000 रुपये तक के लेनदेन पर 200 रुपये और 5 हजार रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक लेनदेन पर 500 रुपये चार्ज लगता है। इससे अधिक के ट्रांजेक्शन पर 1,000 रुपये फीस बैंक वसूलता है। ई-कॉमर्स बिल के लिए 25,000 के ट्रांजैक्शन पर 15 प्रति शिपिंग बिल शुल्क लगता है। 25,000 रूपये से लेकर 50, 000 रुपये तक के लेनदेन पर 25 रुपये शुल्क लगता है। 50,000 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक के ई-कॉमर्स बिल के लिए 50 प्रति SB चार्ज का भुगतान करना पड़ता है।
तीन नए शुल्क भी लागू
- शिपिंग बिल के वैल्यू में कमी होने पर प्रत्येक शिपिंग बिल पर 250 रुपये शुल्क लगेगा। वैल्यू 10 लाख रुपये तक होगी।
- बिल ऑफ एंट्री की वैल्यू में कमी होने पर भी 250 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा।
- बिल ऑफ एंट्री (BOE) को राइट ऑफ करने पर 2,000 प्रति बीओई चार्ज लगेगा। प्रति बीओई के लिए मूल घोषित मूल्य 10 लाख रुपये से अधिक होगा।





