अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है। इसी युद्ध के बीच सोमवार को तेल की कीमतों में वृद्धि देखने को मिली है। क्रूड ऑयल का रेट 106 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है। यह भी कहा जा रहा है कि मिडिल ईस्ट से एनर्जी सप्लाई में रुकावट देखने को मिल सकती है।
सोमवार को क्रूड ऑयल के शुरूआती कारोबार में तेजी से उछाल देखने को मिला। US बेंचमार्क ऑयल की कीमत 17.23% बढ़कर 106.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वही ग्लोबल बेंचमार्क ब्रांड क्रूड के भाव 15.35% की वृद्धि के साथ 106.92 पर पहुंच गए। पिछले हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते भाव तेजी से बदले हैं।
तेल डिपो पर हुआ हमला
क्रूड ऑयल के भाव में ये तेजी तब देखने को मिली है। जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच दसवें दिन भी संघर्ष बना रहा। अमेरिका और इजरायल ने हमला करते हुए तेहरान के फ्यूल डिपो और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर सहित ईरानी मिलिट्री को निशाना बनाया है।
इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी इलाके में इजरायली ठिकानों और यूनाइटेड स्टेट के मिलिट्री असेट्स पर हमले किए हैं। इसमें सऊदी अरब, कतर, कुवैत, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स जैसी जगह शामिल है। इस लड़ाई की वजह से तेल के प्रोडक्शन से लेकर एक्सपोर्ट में रुकावटें देखने को मिल सकती है।
तेल सेक्टर पर असर की चेतावनी
इस बारे में ईरान के पार्लियामेंट्री स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर इसी तरह से लड़ाई जारी रही तो देश के तेल सेक्टर पर सीधा असर देखने को मिलेगा। उनके मुताबिक अगर युद्ध जारी रहा तो ना तो तेल बेचने का तरीका होगा और ना ही इसे बनाने की क्षमता बचेगी।






