15 महीने के FD पर मिल रहा 7.15% रिटर्न, इस प्राइवेट बैंक ने बदली ब्याज दरें, 17 अगस्त से नए रेट लागू 

फेडरल बैंक ने एफडी के लिए नई ब्याज दरें लागू कर दी हैं। वरिष्ठ नागरिकों को 50 बीपीएस एडिशनल इंटरेस्ट भी मिल रहा है। आइए जानें कितने दिन के टेन्योर पर कितना रिटर्न मिल रहा है?
Bank FD Rates

AI Generated Image

प्राइवेट सेक्टर के फेडरल बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में बदलाव किया है। सामान्य नागरिकों को 3 करोड़ रुपये से कम के निवेश पर 3% से लेकर 6.70% इंटरेस्ट मिल रहा है। नए रेट 17 अगस्त 2026 से लागू हो चुके हैं। ध्यान रखें कि सभी बैंक समय-समय पर इंटरेस्ट रेट में संशोधन करते रहते हैं। इसलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा विजिट करने की सलाह दी जाती है।

वरिष्ठ नागरिकों को सभी टेन्योर पर बैंक 0.50% अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी दे रहा है। इंटरेस्ट रेट कम से कम 3.50% और अधिकतम 7.20% है। ग्राहक 7 दिन से लेकर 10 साल तक का निवेश कर सकते हैं। इससे पहले बैंक ने 16 जुलाई को एफडी के ब्याज दरों में संशोधन किया था। 15 महीने के टेन्योर के लिए  ब्याज दरों में 5 बीपीएस की वृद्धि की गई है, अब इस मैच्योरिटी स्लैब पर 6.65% रिटर्न मिलेगा।

48 महीने के टेन्योर पर मिल रहा अधिकतम ब्याज 

सबसे ज्यादा ब्याज बैंक 48 महीने के टेन्योर पर ऑफर कर रहा है। सामान्य नागरिकों के लिए इंटरेस्ट रेट 6.70% हैं। वहीं वरिष्ठ नागरिकों (60 साल या इससे अधिक आयुवर्ग) को 7.20% ब्याज मिल रहा है। वहीं 15 महीने के टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 6.65% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.15% इंटरेस्ट मिल रहा है। 24 महीने से अधिक और 48 महीने से कम के टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 6.50% और वरिष्ठ नागरिकों को 7% ब्याज मिल रहा है।

बैंक 1 साल या इससे अधिक के सभी टेन्योर पर 6% से ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहा है। 181 दिन और 271 दिन से लेकर 1 साल से कम के दो अलग-अलग टेन्योर पर 6% ब्याज दे रहा है।

टेन्योर वाइज ब्याज दरें जानें

  • 7 से लेकर 29 दिन- 3%
  • 30 से लेकर 45 दिन- 3.25%
  • 46 से लेकर 90 दिन- 4.25%
  • 91 से लेकर 180 दिन- 4.50%
  • 181 दिन- 6%
  • 182 दिन से लेकर 270 दिन- 5.50%
  • 271 दिन से लेकर 1 साल से कम- 6%
  • 1 साल- 6.25%
  • 1 साल से अधिक और 15 महीने से कम- 6.40%
  • 15 महीने- 6.65%
  • 15 महीने से अधिक और 24 महीने से कम- 6.40%
  • 24 महीने से अधिक और 48 महीने से कम- 6.50%
  • 48 महीने- 6.70%
  • 48 महीने से अधिक और 10 साल तक- 6. 40%
  • वरिष्ठ नागरिक- 0.50% अतिरिक्त ब्याज

यहाँ चेक करें नई ब्याज दरें 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews