दशहरा से पहले इस बैंक ने दिया ग्राहकों को तोहफा, बढ़ा दिया एफडी पर ब्याज, 400 दिन के टेन्योर पर मिल रहा 8.15% इंटरेस्ट

investment plan

Bank FD: प्राइवेट सेक्टर के फेडरल बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में बदलाव किया है। बैंक ने नए दरों की घोषणा भी कर दिया है। 2 करोड़ से कम के डिपॉजिट के ब्याज दरों में बदलाव किया गया है। 7 दिन से 10 साल के एफडी पर 8.15% ब्याज ऑफर कर रहा है। सबसे ज्यादा इन्टरेस्ट 400 दिन के टेन्योर पर मिल रहा हैं, समान्य नागरिकों के लिए दरें 7.65% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.15% फीसदी है। फेस्टिव सीजन को ध्यान में रखते हुए इन स्पेशल रेट्स को जारी किया गया है।

एक साल से अधिक एफडी के लिए इन्टरेस्ट रेट

फेडरल बैंक 401 दिन से लेकर 21 महीने के एफड़ी पर सामान्य नागरिकों को 7.30% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.80% इन्टरेस्ट ऑफर कर रहा है। 2 साल और 3 साल के कम के फिक्स्ड डिपॉजिट पर सामान्य नागरिकों को 7.05% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.55% ब्याज मिल रहा है। 21 महीने से अधिक और 2 साल से कम के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.75% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.25% ब्याज मिल रहा है। 5 साल और इससे अधिक के टेन्योर  पर सामान्य नागरिकों को 6% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.25% ब्याज ऑफर किया जा रहा है। एक साल और 13 महीने से कम के अवधि पर सामान्य नागरिकों को 6.80% ब्याज मिल रहा है।

एक साल से कम के एफडी पर मिल रहा कितना ब्याज

7 दिन से 25 दिन के एफडी पर 3%, 30 दिन से 45 दिन के अवधि पर 3.25%, 46 दिन से 60 दिन के एफडी पर 4%, 271 दिन से 1 साल से कम के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6%, 181 दिन से 270 दिन के एफडी पर 5.75% और 120 दिन से 180 दिन के एफडी पर 5% ब्याज सामान्य नागरिकों को मिल रहा है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews