मई 2026 के शुरुआती सप्ताह में वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजार और आम आदमी की जेब पर दिख रहा है। रविवार को भारतीय सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत 1, 51,230 रुपये पर दर्ज की गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव 1,38,500 रुपये चल रहा है। चांदी के दाम 2, 65,000 लाख रुपए के आसपास ट्रेंड कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,627 डॉलर प्रति औंस के करीब मजबूती से टिका हुआ है जबकि चांदी की कीमत 75.91 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बना हुआ है। कच्चा तेल $115 से $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने से बाजार को सहारा मिला है, यही कारण है कि निवेशक अब भी सोने को सबसे सुरक्षित निवेश के रुप में देख रहे हैं। बाजार विशेषज्ञ भी निवेशकों को एकमुश्त निवेश के बजाय गिरावट पर धीरे-धीरे (SIP मोड) खरीदारी करने की सलाह दे रहे हैं।
इसके अलावा डॉलर महंगा होने से भारत के लिए कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स का आयात महंगा हो गया है, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई बढ़ रही है। चुंकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी घरेलू बाजार में सोने के भाव तय करती है। अगर रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोने का आयात महंगा हो जाता है। आने वाले दिनों में अगर अमेरिका में फेडरल रिजर्व (US Fed) ब्याज दरों में कटौती का संकेत देता है, तो डॉलर के कमजोर होगा, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और भारत में सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
इन दिनों भारत में शादियों का सीजन होने के कारण फिजिकल गोल्ड की मांग बढ़ी है, लेकिन ऊंची कीमतों ने मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट को बिगाड़ दिया है, ऐसे में भारी गहनों के बजाय हल्के वजन वाली ज्वेलरी या पुराने सोने को बदलकर नए गहने लेने की पॉलिसी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती के कारण चांदी की कीमतों में भी तेजी आई है जिसने सभी को चौंकाया है। चुंकी चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है और मांग बढ़ने पर कीमतों में उछाल देखने को मिलता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है ऐसे में सप्लाई सीमित होने और मांग बढ़ने से चांदी सोने के मुकाबले तेजी से महंगी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर बदलती स्थिति से बाजार की भी दिशा बदल सकती है, जिसका असर सोने और तेल दोनों बाजारों पर दिख सकता है।
अगर आप भी सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो BIS हॉलमार्क और HUID कोड की जांच अवश्य करें। ध्यान रखें इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।






