अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम को लेकर अनिश्चितता और डॉलर में कमजोर रुख के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने चांदी की कीमतों में इन दिनों काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग थोड़ी संतुलित हुई है। खास करके अप्रैल के पहले हफ्ते में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। सोने के भाव 1.50 लाख के अंदर और चांदी की कीमत 2.60 लाख के आसपास पहुंच गई थी।
12 अप्रैल 2026 , रविवार की बात करें तो 24 कैरेट सोने के भाव 1,52,990 रुपये (प्रति दस ग्राम में) चल रहे हैं। वहीं, 22 कैरेट सोने के लिए 1,40,250 रुपये और 18 कैरेट सोने के लिए1,14,780 रुपये देने होंगे। इसके अलावा चांदी भी 2,60,00 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मार्च 2026 की बैठक में ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% की सीमा में स्थिर रखा है, लेकिन निवेशक अनुमान लगा रहे हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती सकता है। इससे फिर सोने-चांदी की कीमतों में हलचल हो सकती है, क्योंकि जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो सोने की कीमतों को मजबूती मिलती है।
आमतौर पर युद्ध के दौरान सोने की कीमतें आसमान छूने लगती हैं, लेकिन ईरान-अमेरिका युद्ध विराम और केन्द्रीय बैंक की लगातार खरीदारी से कीमतों में नरमी देखने को मिली है हालांकि तेल की बढ़ती कीमतों के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है। वहीं हाल में रुपए की मजबूती ने घरेलू बाजार में कीमतों को बैलेंस किया है। अगर डॉलर फिर से मजबूत होता है या वैश्विक जोखिम बढ़ता है, तो इसका प्रभाव कीमतों पर देखना जा सकता है। इसके अलावा भारत में शादियों का सीजन और देश की महंगाई दर भी दामों को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो शांति वार्ता विफल होने पर सोने की दाम में गिरावट देखने को मिल सकती है।
भारत में सोने-चांदी के मानक भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के दिन नए रेट जारी नहीं होते हैं। शुक्रवार शाम को जिस भाव से बाजार बंद होता है, वही रेट शनिवार-रविवार को मान्य होते हैं। अब 13 अप्रैल 2026 सराफा बाजार खुलेगा, ऐसे में देखने वाली बात होगी कि सोमवार को कीमतों में उछाल आता है या फिर गिरावट देखने को मिलेगी।






