Google Pay यूजर्स ध्यान दें, नियमों में हुआ बदलाव, अब फ्री में नहीं मिलेगी ये सेवाएं, लेनदेन पर लगेगा चार्ज

गूगल पे कई सेवाओं पर कनवोनियंस चार्ज लगाने वाला है। यूजर्स को बिजली बिल भुगतान के लिए शुल्क के साथ जीएसटी भी देना पड़ सकता है। आइए जानें क्या यूपीआई ट्रांजेक्शन पर भी शुल्क लगेगा?
google pay

यूनीफाइड पेमेंट इंटफेस (UPI) लेनदेन के लिए Google Pay बड़ा प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है। भारत में 100 करोड़ से अधिक लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। उपभोक्ताओं के बड़ी अपडेट सामने आई है। गूगल ने अपने यूपीआई ऐप से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। कई ट्रांजेक्शन के लिए कनवोनियंस चार्ज लगाना शुरू कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गूगल पे क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करके बिल भुगतान पर 0.5% से 1% तक शुल्क की वसूली कर रहा है। इसके अलावा यूजर्स को जीएसटी का भुगतान भी करना होगा। इलेक्ट्रिसिटी बिल, डीटीएच रिचार्ज और अन्य यूटिलिटी भुगतान अब फ्री नहीं होगा। कंपनी के ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक अभी भी यूपीआई के जरिए डायरेक्ट भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लग रहा है।

बता दें कि अब तक प्लेटफ़ॉर्म पर बिल पेमेंट्स के लिए चार्ज नहीं लग रहा था। फोन पे, पेटीएम समेत कई यूपीआई ऐप्स बिल पेमेंट पर शुल्क लगाते हैं। हालांकि इस संबंध में कंपनी ने कोई भी आधिकारिक बयान अब तक जारी नहीं किया है।

मोबाइल पर गूगल पे लगता है इतना चार्ज

गूगल ने वर्ष 2023 में ही मोबाइल रिचार्ज के लिए 3 रुपये अतिरिक्त शुल्क का ऐलान किया था। अमाउन्ट के हिसाब से चार्ज भी अलग होता है। यदि कोई व्यक्ति 100 रुपये से कम का रिचार्ज करता है तो उसे एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना पड़ता। वहीं 101-200 रुपये के रिचार्ज पर 1 रुपये और 301 या इससे अधिक के रिचार्ज पर 3 रुपये शुल्क लगता है।

37% यूपीआई ट्रांजेक्शन में GPay का इस्तेमाल

यूपीआई पेमेंट मार्केट में फोन पे और गूगल पे की मजबूत पकड़ है। नवंबर 2024 में जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक 37% यूपीआई ट्रांजेक्शन गूगल पर के जरिए होते हैं। वहीं फोन पे यूपीआई लेनदेन कस्स 47.8% शेयर होल्ड करता है।

Manisha Kumari Pandey
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