Government Scheme: बेहद खास है ये सरकारी योजना, घर बैठे मिलेंगे 36000 रुपये, जानें डिटेल्स

Government Scheme: बेहद खास है ये सरकारी योजना, घर बैठे मिलेंगे 36000 रुपये, जानें डिटेल्स

Government Scheme: आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए भारत सरकार कई योजनाएं चलाती हैं। जिनके तहत मुफ़्त अनाज और अन्य कई सुविधाएं मिलती है। ऐसी ही एक योजना “प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधान योजना” है। इस योजना को वरिष्ट नागरिकों को पेंशन का लाभ दिलाने के लिए शुरू किया गया है। अक्सर देखा जाता है मजदूर कम इनकम होने के कारण किसी प्रकार की बचत नहीं कर पाते। जिसका दुष्प्रभाव उनके बुढ़ापे में दिखता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए केन्द्रीय सरकार ने इस योजना की शुरुआत। अब तक लाखों लोग इसका लाभ भी उठा चुके हैं।

ऐसे मिलेंगे 36000 रुपये

पेंशनभोगियों को हर महीने 3000 रुपये की पेंशन भारत सरकार द्वारा प्रदान करती है। लाभार्थी के मृत्यु के बाद पेंशन की राशि उनके पति/पत्नी को मिलती हैश्रमिक 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का योगदान प्रतिमाह दे सकते हैं। स्कीम के तहत 36000 रुपये की वार्षिक पेंशन सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।

ऐसे उठायें योजना का लाभ

इस स्कीम के तहत श्रमिक वर्ग, जैसे कि मोची, रिक्शा चालक, दर्जी, डोमेस्टिक लेबर्स इत्यादि, जिनकी मंथली इनकम 15000 रुपये से कम होती है। वो इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। । 18 से 60 वर्ष की उम्र वाला कोई भी श्रमिक योजना की तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकता है। आप ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाईट maandhan.in पर आवेदन कर सकते हैं। आप चाहे तो ऑफलाइन कॉमन सर्विस सेंटर पे जरिए भी आवेदन कर सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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