बदल गए GST से जुड़े नियम, आसान होगा रजिस्ट्रेशन, करदाताओं को मिलेगा नई सुविधा का लाभ, जानें डिटेल 

जीएसटी रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए नियमों में बदलाव हुआ है। नया बायोमेट्रिक प्रोसेस शुरू होगा। जीएसटीएन ने इस संबंध में सर्कुलर भी जारी किया है।
gst registration rules

करदाताओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन से संबंधित नियमों (GST Registration New Rules) में बदलाव किया है। नई सुविधा शुरू की गई है, जिसका लाभ उठाकर कंपनी ने प्रमोटर और निदेशक अपने गृह राज्य में जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने में सक्षम होंगे।

बता दें इससे पहले दो तरीके से करदाता गुड्ज़ एंड सर्विसेस पंजीकरण प्राप्त सकते थे। उन्हें ओटीपी सत्यापन का इस्तेमाल करना पड़ता था या तो खुद कंपनी के पंजीकृत अधिकार क्षेत्र में जीएसटी सुविधा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण  का इस्तेमाल करना पड़ता था। लेकिन अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए दूसरे राज्य जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस राज्य में कंपनी है, कारोबारी वहीं से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवा पाएंगे। इस संबंध में GSTN ने सोमवार को एडवाइजरी भी जारी की है।

इस सुविधा का लाभ कौन उठा सकता है?

नए नियम के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। यह सुविधा चुनिंदा व्यवसायिक संस्थानों पर लागू होती है। सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियां, निजी लिमिटेड कंपनियां, असीमित और विदेशी कंपनियां ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। प्रमोटर और निदेशक अपने गृह राज्य में ही किसी भी जीएसके का चुनाव कर सकते हैं।

नए बायोमेट्रिक प्रोसेस से जुड़ी जरूरी बातें जान लें 

बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए चुने गए आवेदकों को ईमेल पर नोटिस मिलेगा। इसमें एक लिंक भी शामिल होगा, जिसका इस्तेमाल करके प्रमोटर और निदेशक अपने गृह राज्य में जीएसके चुन सकते हैं। यह ऑप्शन सिर्फ एक बार ही मिलेगा। बाद में बदलाव की अनुमति नहीं होगओ। चयन करने पर एक नए स्लॉट बुकिंग लिंक के साथ कंफर्मेशन ईमेल भेजा जाएगा। प्राथमिक प्राधिकृत हस्ताक्षर (PAS) के जीएसके में आने से पहले बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना जरूरी होगा। यदि पीएएस और प्रमोटर/निदेशक एक ही व्यक्ति है, तो ऐसी स्थित में निर्दिष्ट क्षेत्राधिकार में जाना पड़ेगा। बता दें कि गृह-राज्य बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण वैकल्पिक होगा।

Manisha Kumari Pandey
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