टैक्सपेयर्स के लिए अच्छी खबर, अब आसान होगा ITR भरना, NPCI ने शुरू की नई सुविधा, तेजी से मिलेगा टैक्स रिफंड, यहाँ जानें डिटेल

एनपीसीआई ने आईटीआर वेरीफिकेशन से संबधित नई सुविषा शुरू की है। नोटिफिकेशन भी जारी किया है। अब पैन और बैंक अकाउंट को लिंक करना आसान होगा। समय भी पहले से कम लगेगा। 
Income tax calendar october 2025

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इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक नई सुविधा शुरू हुई है। जिसकी घोषणा नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) ने कर दी है। इसे संबंधित सर्कुलर भी जारी किया है। इस नई सुविधा के जरिए पैन कार्ड और आधार अकाउंट को सत्यापित करना और भी आसान हो जाएगा। करदाताओं को रिफंड के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा

इस नई सुविधा का नाम “एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API)” है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। यह टैक्सपेयर्स को बैंक अकाउंट स्टेटस, पैन की जानकारी और अकाउंट होल्डर की पहचान  के लिए रियल टाइम वेरिफिकेशन (ITR Verification) की सुविधा प्रदान करता है। इस सिस्टम के तहत सभी डाटा को बैंक के “कोर बैंकिंग सिस्टम यानी सीबीएसई” से सत्यापित किया जाएगा। एपीआई के जरिए सरकारी प्लेटफॉर्म या विभाग करदाताओं के अकाउंट डिटेल्स जैसे कि अकाउंट होल्डर के नाम और खाते के स्टेटस की पुष्टि करने में बैंक के इंटरनल सिस्टम की मदद ले पाएंगे।

नए सिस्टम से होंगे अनेक फायदे 

इस नई प्रणाली से कई फायदे होंगे। आईटीआत वेरिफिकेशन के दौरान होने वाले मैन्युअल एरर की आशंका कम होगी। पैन और बैंक अकाउंट को कम समय में लिंक किया जा सकेगा। डेटा  सत्यापन की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद होगी। ट्रांसपेरेंसी को भी बढ़ावा मिलेगा। रिफंड और अन्य टैक्स पेमेंट सही ढंग और सिक्योरिटी के साथ जल्द मिलेंगे।

क्या है एपीआई?

एपीआई, एक सॉफ्टवेयर ब्रिज है। यह दो अलग-अलग सिस्टम को आपस में सुरक्षित रूप से डेटा शेयर करने की सुविधा देता है। सरकारी प्लेटफार्म या बैंक के इंटरनल सिस्टम से डायरेक्ट वेरीफिकेशन डेटा हासिल करने की अनुमति देता है। एनपीसीआई में सभी मेंबर बैंकों से इसके लिए अपने सिस्टम को अपडेट करने का निर्देश दिया है। इस दौरान कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

इस साल हुए आईटीआर से जुड़े कई बदलाव

इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अब तक आयकर विभाग कई बदलाव कर चुका है। एक्सेल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। हालांकि यह  आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के लिए ही लागू होता है। इसके अलावा फॉर्म 16 समेत अन्य इनकम टैक्स फॉर्म में भी संशोधन किए गए हैं, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है। वित्त वर्ष 2024- 25 के लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन भी 15 सितंबर 2025 कर दी है, जो पहले 31 जुलाई थी।

Manisha Kumari Pandey
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