जियोस्टार का बड़ा फैसला, 1100 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा, यहां जानिए क्या है इसके पीछे की वजह!

देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी, जियोस्टार, 1100 कर्मचारियों को निकालने जा रही है। इसकी बड़ी वजह वॉल्ट डिज्नी के साथ हुए मर्जर के बाद एक ही पोजीशन पर दो कर्मचारियों का होना है। ऐसे में कंपनी गैर-जरूरी भूमिकाओं को खत्म कर रही है और बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही है।
जियोस्टार का बड़ा फैसला, 1100 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा, यहां जानिए क्या है इसके पीछे की वजह!

वॉल्ट डिज्नी के साथ जियो का मर्जर हुआ था, जिसके चलते यह देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी बन गई। अब जियोस्टार द्वारा बड़ा फैसला लेते हुए 1100 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है। दरअसल, इस मर्जर के बाद कंपनी के कर्मचारियों की भूमिकाएं ओवरलैप हो रही थीं, यानी एक ही भूमिका में दो कर्मचारी थे। इसी वजह से कंपनी अब इसे ठीक कर रही है, जिसके चलते 1100 कर्मचारियों को बाहर किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मर्जर के चलते कंपनी में पुनर्गठन की प्रक्रिया पिछले महीने शुरू की गई थी, और यह छंटनी जून तक जारी रह सकती है। रिपोर्ट में सामने आया है कि इस दौरान कंपनी फाइनेंस, कमर्शियल, डिस्ट्रीब्यूशन और लीगल डिपार्टमेंट में कर्मचारियों की छंटनी करेगी।

कर्मचारियों को दी जाएगी एक साल की सैलरी

हालांकि, इसे लेकर कंपनी ने एक बड़ा फैसला भी लिया है। जानकारी के मुताबिक, कंपनी इन कर्मचारियों को फायर करने से पहले उन्हें एक साल तक की सैलरी देगी। यानी, अगर किसी कर्मचारी ने एक साल पहले कंपनी ज्वाइन की थी, तो उसे एक महीने का पूरा वेतन दिया जाएगा। इसी तरह, बाकी कर्मचारियों को भी उनके कार्यकाल के हिसाब से वेतन दिया जाएगा। हालांकि, यह खबर जियो हॉटस्टार के कर्मचारियों के लिए निराशाजनक हो सकती है, लेकिन कंपनी मर्जर के बाद हो रही ओवरलैपिंग को खत्म करने के लिए यह निर्णय ले रही है। दरअसल, नवंबर 2024 में वायकॉम18 और वॉल्ट डिज्नी का मर्जर हुआ था, जिससे यह देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी बन गई।

14 नवंबर 2024 को हुआ था मर्जर

14 नवंबर 2024 को दोनों कंपनियों ने मर्जर का ऐलान किया था और जानकारी दी थी कि यह देश का सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट नेटवर्क बन गया है। बता दें कि डिज्नी-रिलायंस एंटरटेनमेंट के पास 120 चैनलों के साथ दो ओटीटी प्लेटफॉर्म और 75 करोड़ दर्शक हो गए हैं। रिलायंस ने इस मर्जर के लिए 11,500 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया था। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह डील लगभग 70,352 करोड़ रुपये में हुई थी, जिसमें रिलायंस की 63.16% हिस्सेदारी रही, जबकि डिज्नी की 36.84% हिस्सेदारी रही।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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