Saving Scheme: पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम, 5 साल में बनेगा लाखों का फंड, रोजाना करें 100 रुपये की बचत

Saving Scheme: पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम, 5 साल में बनेगा लाखों का फंड, रोजाना करें 100 रुपये की बचत

Money Saving Scheme: पोस्ट पोस्ट की योजनाओं को निवेश के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है। इसमें सुरक्षित रिटर्न कि गारंटी मिलती है। सरकार हर तीन महीने पर इन स्कीम्स के ब्याज दरों में संशोधन करती रहती है। अक्टूबर से दिसंबर के लिए ब्याज दर निर्धारित हो चुकी है। डाकघर के रेकरिंग डिपॉजिट (Post Office RD Scheme) में निवेश कर ग्राहक कम समय में छोटे निवेश पर लाखों का फंड बना सकते हैं। इन्टरेस्ट रेट को 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया गया है। इसका मतलब है अब निवेशकों को पहले से ज्यादा मुनाफा होगा।

योजना के बारे में

आरडी स्कीम में 100 रुपये के निवेश से खाता खुलवाया जा सकता है। बाद में 10 के मल्टिपल में निवेश कर सकते हैं। एक से ज्यादा अकाउंट खुलवाने कि सुविधा भी उपलब्ध होती है। 10 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है। जमा राशि के 50% वैल्यू तक लोन भी मिल जाता है। 1 साल, 3 साल और 5 साल के लिए स्कीम ले सकते हैं। 5 साल के रेकरिंग डिपॉजिट के लिए 2 हजार या 3 हजार या 4 हजार रुपये मासिक प्रीमियम का भुगतान करना होगा।

ये रहा कैलकुलेशन

यदि कोई व्यक्ति 2,000 रुपये की रेकरिंग खरीदता है तो उसे सलाना 24 हजार रुपये जमा करने होंगे। मैच्योरिटी के दौरान करीब 1, 42, 000 रुपये मिलेंगे। जिसमें से करीब 22 हजार रुपये ब्याज होगा। 5 साल के लिए 3000 रूपये कि रेकरिंग लेने पर 36000 रुपये जमा करने होंगे। यानि 5 सालों में आप 1,80,000 रुपये जमा करने होंगे। ऐसे में आपको रोजाना 100 रुपये की बचत करनी होगी। मैच्योरिटी के दौरान करीब 2 लाख 13 हजार रुपये का रिटर्न मिलता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल समान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी स्कीम में निवेश कि सलाह नहीं देता। विशेषज्ञों कि परामर्श पर भी निवेश करें।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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