नए साल से पहले इस प्राइवेट बैंक ने दिया तोहफा, नई FD स्कीम लॉन्च, 555 दिन के टेन्योर पर मिलेगा 7.9% रिटर्न

नए एफडी स्कीम पर 7% से ज्यादा ब्याज मिल रहा है। समय से पहले पैसे भी निकाल सकते हैं। हालांकि कुछ शर्तें पूरी करनी होगी। 3 करोड़ रुपये से कम का निवेश कर सकते हैं।
bank fd

Bank FD Scheme: फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पर रेगुलर एफडी की तुलना में कम समय में बेहतर रिटर्न मिलता है। कई लोग इसे निवेश का अच्छा विकल्प मानते हैं। प्राइवेट सेक्टर के आईडीबीआई बैंक ने नया साल शुरू होने से पहले अपनी नई एफडी स्कीम लॉन्च की है। इसके अलावा अपनी खास स्कीम के लिए डेडलाइन भी आगे बढ़ा दी है।

आईडीबीआई बैंक ने उत्सव कॉलेबल एफडी स्कीम में 555 दिन का नया टेन्योर जोड़ा है। इसका लाभ ग्राहक 15 फरवरी 2025 तक उठा सकते हैं। इसमें पहले से 4 टेन्योर का विकल्प ऑफर कर रहा है। निवेश की डेडलाइन 31 दिसंबर 2025 है।

मिल रहा कितना रिटर्न? (IDBI Bank Special FD Scheme)

555 दिन के नए उत्सव एफडी पर सामान्य नागरिकों को 7.4% ब्याज बैंक ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटरेस्ट रेट 7.9% है। इसमें 3 करोड़ रुपये से कम का निवेश कर सकते हैं। 300 दिन का टेन्योर NRE डिपॉजिट पर लागू नहीं होगा। प्रीमैच्योर विथ्ड्रॉल भी कर सकते हैं। 300 दिन के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 7.05%, 375 दिन के टेन्योर पर 7.25%, 444 दिन के टेन्योर पर 7.35% और 700 दिन के टेन्योर पर 7.2% ब्याज बैंक ऑफर कर रहा है। सीनियर सिटीजन के लिए इंटरेस्ट रेट 0.50% ज्यादा है।

रेगुलर एफडी के लिए इन्टरेस्ट रेट (Fixed Deposit) 

बैंक ने 3 करोड़ रुपये से कम टर्म डिपॉजिट के ब्याज दरों में हाल ही में बदलाव किया है। नए रेट 23 दिसंबर 2024 से प्रभावी हैं। 7 दिन से लेकर 20 साल तक के एफडी पर बैंक सामान्य नागरिकों को 3% से लेकर 7% ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को कम से कम 3.50% और अधिकतम 7.50% ब्याज दे रहा है। एक साल के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.80% ब्याज मिल रहा है।

bank fd scheme

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews