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बैंकिंग से लेकर वेतन तक 1 जनवरी से बदल जाएंगे ये 6 नियम, आमजन पर पड़ेगा असर

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नए साल के साथ कई नए नियम भी लागू होने वाले हैं। जिसका सीधा असर आम आदमी के जेब पर पड़ेगा। इन बदलावों की सूची में बैंकिंग, टैक्स और वेतन भी शामिल हैं। आइए जानें क्या-क्या बदलने वाला है?
बैंकिंग से लेकर वेतन तक 1 जनवरी से बदल जाएंगे ये 6 नियम, आमजन पर पड़ेगा असर

नया साल शुरू होने में बस कुछ दिन का समय बाकी है। कैलेंडर के साथ-साथ कई नियम भी जनवरी 2026 में बदलने वाले हैं। कई बैंक एफडी और लोन के ब्याज दरों में संशोधन करेंगे। डिजिटल बैंकिंग से संबंधित नई गाइडलाइंस भी आरबीआई ने जारी की है। इसके अलावा सैलरी से जुड़े बदलाव भी होंगे। किसानों के भी नया साल जरूरी हो सकता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने का नया फार्म भी जारी हो सकता है।

1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने जा रहा है, जिसका सीधा असर केंद्र कर्मचारियों पर पड़ेगा। 7वें वेतन आयोग की सीमा 31 दिसंबर 2025 को खत्म होने जा रही है।  वेतन में 20% से 35% वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर भी 2.28% से लेकर 3% तक रह सकता है।

एलपीजी और सीएनजी के कीमत में बदलाव 

  • पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने  नेचुरल गैस ट्रांसपोर्टेशन के लिए यूनिफाइड क्रेडिट सिस्टम में बदलाव किया है। जिसका असर गैस के कीमतों पर पड़ेगा। 1 जनवरी से सीएनजी और पीएनजी के कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। नए ट्रांसपोर्टेशन टैरिफ को अधिसूचित कर दिया गया है। 300 किलोमीटर तक के लिए ट्रांसपोर्ट चार्ज 54 रुपये प्रति एमएमबीटीयू होगा। 300 किलोमीटर से ज्यादा के लिए ट्रांसपोर्ट चार्ज 102.86 रुपये प्रति एमएमबीटीयू होने वाला है।
  • हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी की कीमतों को निर्धारित करती है। जनवरी 2026 में भी एलपीजी गैस सिलेंडर का कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिसंबर 2025 में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 10 रूपये की कटौती की गई थी। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

बैंकिंग से जुड़े बदलाव (New Rules)

आरबीआई ने डिजिटल बैंकिंग से जुड़े कई नए नियम नियमों की घोषणा की है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले हैं। जिसका उद्देश्य सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाना है। बैंक इंटरनेट बैंकिंग सर्विस का फायदा उठाने या कार्ड एक्टिव करने के लिए कस्टमर को मोबाइल एप डाउनलोड करने का दबाव नहीं डाल पाएंगे।

डिजिटल बैंकिंग सर्विस की रजिस्ट्रेशन या कैंसलेशन के लिए कस्टमर की साफ मंजरी बैंकों को लेनी होगी। इसके लिए जरूरी दस्तावेजों की जरूरत भी पड़ेगी। एक बार कस्टमर के लॉग इन करने के बाद बैंक थर्ड पार्टी प्रोडक्ट या सर्विस नहीं दिखा सकते, जब तक की खास तौर पर मंजूरी न दी गई हो। इसके अलावा सभी फाइनेंशियल और नॉन फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए एसएमएस और ईमेल अलर्ट भी भेजने होंगे।

कई बैंक जनवरी 2026 में एफडी और लोन के ब्याज दरों में भी बदलाव करने वाले हैं। क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के फीचर्स और शुल्क में भी संशोधन देखने को मिल सकता है।

इन नियमों को भी जान लें 

  • पैन कार्ड को आधार से लिंक करने की समय सीमा भी 31 दिसंबर के बाद खत्म हो जाएगी।  इन दोनों को लिंक न करने पर पैन कार्ड डीएक्टिव भी हो सकता है। जिसके कारण बैंकिंग ट्रांजैक्शन और इनकम टैक्स रिटर्न में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
  • पीएम किसान फसल बीमा योजना के तहत तब जंगली जानवरों द्वारा फसल खराब करने पर भी किसानों को बीमा की राशि दी जाएगी। इसके लिए नुकसान के 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
  • कई राज्यों में किसानों की आईडी बनाई जाए जाएगी। पीएम किसान योजना के तहत इंस्टॉलमेंट लेने के लिए यह जरूरी होगा।
Manisha Kumari Pandey
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