वित्तीय मामलों के लिए नवंबर का महीना बेहद ही खास होने वाला है। नई नए नियम (New Rules) लागू होने जा रहे हैं। इसमें बैंकिंग सेक्टर, आधार कार्ड और सोशल मीडिया इत्यादि शामिल है। नागरिकों को इसकी जानकारी पहले से होनी चाहिए। ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या ना हो। नवंबर महीने की पहली तारीख से बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025 लागू होने वाला है। केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 में ही इसे अधिसूचित किया था। क्रेडिट कार्ड और जीएसटी बदलाव भी लिस्ट में शामिल हैं।
हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी के कीमतों को निर्धारित करती हैं। अगले महीने भी गैस सिलेंडर के कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अक्टूबर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के कीमत 16 रुपये की बढ़ोत्तरी देखी गई थी। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर के कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।
बैंकिंग से जुड़े बदलाव
नॉमिनेशन नए नियम:- 1 नवंबर से जमा राशि और बैंक लॉकर के लिए नॉमिनेशन से संबंधित नियम बदलने वाले हैं। अब ग्राहकों को नॉमिनी के लिए दो विकल्प मिलेंगे, जिसमें क्रमिक और एक साथ का ऑप्शन शामिल है। लॉकर के लिए केवल क्रमिक नॉमिनेशन का विकल्प ही दिया। अधिकतम 4 नॉमिनी बनाया जा सकता है। “एक साथ” नॉमिनेशन मेथड चुनने पर ग्राहक का नाम, जमा राशि, और लॉकर के लिए के लिए प्रत्येक नामित व्यक्ति के लिए हिस्सेदारी या पात्रता का प्रतिशत पहले से ही निर्धारित करने की सुविधा मिलेगी।
क्रेडिट कार्ड नियम:- देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रहा है। अब अनसिक्योर क्रेडिट कार्ड पर 3.75% चार्ज देना होगा। थर्ड पार्टी ऐप के जरिए एजुकेशन पेमेंट करने पर एक प्रतिशत पेनल्टी लगेगी। हालांकि यदि कोई व्यक्ति स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से सीधे पीओएस मशीनों के जरिए पेमेंट करता है तो किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा 1000 रुपये से अधिक के वॉलेट लोड ट्रांजैक्शन पर एक प्रतिशत शुल्क भी देना पड़ेगा। ।
इन बदलावों को भी जान लें
आधार कार्ड:– यूआईडीएआई आधार कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किया है, जो 1 नवंबर से लागू होने वाले हैं। अब नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी बिना आधार केंद्र जाए ही अपडेट करने की सुविधा मिलेग। बायोमेट्रिक डिटेल अपडेट करने के लिए केवल आधार केंद्र जाना पड़ेगा। अब यूजर्स का डेटा पैन कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड, मनरेगा विवरब इत्यादि के जरिए डेटा को सत्यापित करेगा।
म्यूचुअल फंड:– सेबी ने म्यूचुअल फंड में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की है, जो 1 नवंबर से प्रभावी होने वाली है। नए नियमों के तहत अगर किसी एएमसी के अधिकारी, कर्मचारी या उनके रिश्तेदार 15 लाख रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन करते हैं, तो कंपनी को यह जानकारी अपने अनुपालन अधिकारी को देनी होगी।
नए आईटी नियम:- केंद्र सरकार ने आईटी रूल्स 2021 के तहत नियमों में बदलाव किया है। कंटेंट हटाने का आदेश सिर्फ उच्च स्तर के अधिकारी दे सकते हैं। पहले सोशल मीडिया कंपनियों को कोर्ट या सरकार के आदेश मिलते ही अवैध कंटेंट हटाना होता था। जिसके कारण कई बार निचले स्तर के अधिकारी बिना स्पष्ट कारण बताएं पोस्ट हटाने का आदेश देते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। DIG या उससे ऊपर के अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है। साथ ही किसी कंटेंट को हटाने के लिए पूरा विवरण देना भी अनिवार्य होगा, जिसमें कानूनी अधिकार, उल्लंघन का कारण और यूआरएल या लिंक शामिल है।






