Pension Plan: आराम से बीतेगा बुढ़ापा, हर महीने मिलेगा 5,000 रुपये पेंशन का लाभ, ये सरकारी स्कीम करेगी मदद

Pension Plan: आराम से बीतेगा बुढ़ापा, हर महीने मिलेगा 5,000 रुपये पेंशन का लाभ, ये सरकारी स्कीम करेगी मदद

Pension Plan: बढ़ती उम्र के साथ-साथ शरीर कमजोर हो जाता है। छोटे-छोटे काम से थकान होने लगती है। ऐसे में जॉब करना मुश्किल हो जाता है, जिसके कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। लोग रिटायरमेंट के बाद इन्हीं समस्याओं से बचने के लिए पहले से ही प्लानिंग शुरू कर देते हैं। इसके अलावा सरकार भी वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आरामदायक बनाने के लिए अनेकों योजनाएं चलाती है। ताकि 60 वर्ष की उम्र के बाद उन्हें वित्तीय स्टेबलिटी मिल सके। ऐसे ही एक योजना के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। जिसके जरिए सीनियर सिटीजंस हर महीने 5 हजार रुपये पेंशन का लाभ उठा सकते हैं।

योजना के बारे में

“वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना” केंद्र सरकार खास योजनाओं की गिनती में शामिल है, जिसका संचालन सरकार एलआईसी के जरिए करती है। 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक स्कीम का लाभ उठा सकता है। योजना के तहत मासिक पेंशन की राशि निवेश पर निर्भर करती है। पॉलिसिधारक मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-मासिक और वार्षिक रूप से पेंशन प्राप्त करने का ऑप्शन चुन सकते हैं। स्कीम पर न्यूनतम 9% सलाना ब्याज मिल रहा है। पॉलिसी खरीदने के 15 वर्षों बाद यह मैच्योर होती है, तभी निवेशकों की मूल राशि प्रदान की जाती है। पॉलिसिधारक के मृत्यु के बाद मूल राशि का हकदार नॉमिनी होता है। इसके अलावा निवेशकों प्लान खरीदने के 90 दिनों के लोन ले सकते हैं।

ये है कैलकुलेशन

एकमुश्त निवेश करने पर हर महीने पेंशन मिलती है। यदि कोई व्यक्ति 74,627 रुपये का निवेश करता है तो उसे हर महीने 500 रुपये पेंशन का लाभ मिलता है। वहीं यदि कोई व्यक्ति 7,46, 269 रुपये का निवेश करता है तो उसे 5000 रुपये पेंशन मिलती है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी स्कीम में निवेश की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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