Pension Plan: कुंवारों के लिए खास सरकारी स्कीम, 45 के बाद मिलेगी 2750 रुपये की मंथली पेंशन, जानें डीटेल

Pension Plan: कुंवारों के लिए खास सरकारी स्कीम, 45 के बाद मिलेगी 2750 रुपये की मंथली पेंशन, जानें डीटेल

Pension Plan: रिटायरमेंट के बाद सभी को पेंशन की जरूरत पड़ती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता व्यक्ति शादीशुदा है या नहीं। विवाहित लोगों के पास उनका परिवार होता है, जिनसे वे बुढ़ापे में मदद की उम्मीद भी रखते हैं। लेकिन अविवाहित लोगों के साथ नहीं होता है। उनके लिए रिटायरमेंट के बाद का दौर भी मुश्किल और कठिनाइयों से भरा होता है। हम अपनों ऐसी योजना के बारे में बताने जा रहा हैं, जिसका लाभ उठाकर अविवाहित पुरुष और महिलायें पेंशन का उठा सकते हैं।

स्कीम के बारे में

इस खास स्कीम का नाम “अविवाहित पेंशन योजना (Unmarried Pension Scheme)” है, जिसका संचालन हरियाणा सरकार द्वारा होता है। इस साल जुलाई में राज्य के मुख्यमंत्री ने इस स्कीम की घोषणा की थी। स्कीम के तहत अविवाहित पुरुषों और महिलाओं को हर महीने 2750 रुपये की पेंशन मिलेगी। 45 से 60 वर्ष का अविवाहित व्यक्ति स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि स्कीम का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

ये हैं शर्तें

अविवाहित लाभार्थी की सलाना इनकम 1 लाख 80 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। लीव इन में रहने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं। केवल हरियाणा के निवासियों को ही स्कीम का लाभ मिलेगा।

कैसे उठायें फायदा?

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से स्कीम के लिए आवेदन की सुविधा उपलब्ध होगी। इच्छुक व्यक्ति अन्तोदया सरल पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निवास प्रमाण पत्र ,आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, पत्नी/पति के मृत्यु का  प्रमाण पत्र, अविवाहित होने की घोषणा, वोटर आइडी कार्ड, आय प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर और ईमेल आइडी की जरूरत पड़ेगी।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल समान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी स्कीम में निवेश की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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