Pension Plan: 65 के बाद मिलेगी 1500 रुपये मंथली पेंशन, निवेश की जरूरत नहीं, ये सरकारी स्कीम करेगी मदद

Pension Plan: 65 के बाद मिलेगी 1500 रुपये मंथली पेंशन, निवेश की जरूरत नहीं, ये सरकारी स्कीम करेगी मदद

Pension Plan: बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा कन्फर्म करना बहुत जरूरी होता है। ताकि रिटायरमेंट बाद अपनी आवश्यकता को पूरा किया जा सकते है। इसलिए राज्य और केंद्र सरकार वर्तमान में अनेकों पेंशन स्कीम चला ही हैं। कुछ में निवेश करने पेंशन की गारंटी मिलती है। वहीं कुछ योजनाओं के तहत बिना निवेश के ही पेंशन का लाभ मिलता है। इन्हीं खास योजनाओं में से एक “ओल्ड ऐज स्कीम”है, जिसका संचालन पंजाब राज्य सरकार इसका संचालन कर रही है।

स्कीम के बारे में

ओल्ड ऐज पेंशन स्कीम के तहत हर महीने 1500 रुपये की पेंशन मिलती है। योजना की शुरुआत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने  के लिए हुई थी। आज इससे लाखों लाभार्थी जुड़े हैं।  65 वर्ष या इससे अधिक वर्ष के पुरुष और 58 वर्ष की महिला स्कीम के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसका लाभ केवल उन्हीं नागरिकों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय 60 हजार रुपये से कम होती है। आवेदक के बाद खुद का घर नहीं होना  चाहिए।

कैसे उठायें लाभ?

योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं, जो डिजिटल पंजन पोर्टल पर उपलब्ध होगी। इसके लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। लिस्ट में आधार कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट, वॉटर आइडी, पैन कार्ड, मैट्रिकुलेशन का सर्टिफिकेट, बैंक डिटेल्स, सेल्फ -डिक्लेयरेशन फॉर्म बैंक अकाउंट डिटेल्स और  पटवारी रिपोर्ट शामिल हैं ।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल समान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News  किसी भी स्कीम में निवेश की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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