Pension Plan: बुढ़ापे में नहीं होगी टेंशन, पति-पत्नी दोनों को हर महीने मिलेगी पेंशन, ये सरकारी स्कीम आएगी काम

pension plan

Pension Plan: 60 वर्ष के उम्र के बाद जॉब करना मुश्किल हो जाता है। इस समय शरीर को आराम चाहिए होता हैं। लेकिन रिटायरमेंट (Retirement Plan) के बाद बड़ी चिंता पैसों की होती है। जिसके लिए लोग पढ़ले से ही प्लानिंग शुरू कर देते हैं। सरकार के अलावा बीमा कंपनियां और बैंक विभिन्न प्रकार के रिटायरमेंट प्लान की सुविधा देते हैं। जिसका नागरिक उठा सकते हैं। ऐसे ही एक योजना के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

ये स्कीम करेगी मदद

केंद्र सरकार द्वारा समर्थित पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम के जरिए आप मासिक पेंशन का लाभ उठा सकते हैं। खास बात यह है कि पति-पत्नी दोनों मिलकर खाता खुलवा सकते हैं। योजना में निवेशकों को एकमुश्त पैसे जमा करते होते हैं। 5 साल बाद हर महीने एक निर्धारित राशि मिलती है। तीन लोग मिलकर ज्वाइंट अकाउंट भी खुलवा सकते हैं।

ये रहा कैलकुलेशन

वर्तमान में स्कीम पर 7.4 फीसदी ब्याज मिल रहा है। मंथली इनकम स्कीम में एक व्यक्ति 9 लाख रुपये का निवेश कर सकता है। वहीं ज्वाइंट अकाउंट के लिए निवेश की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये है। यदि पति-पत्नी दोनों मिलकर 15 लाख रुपये का निवेश करते हैं तो उन्हें हर महीने 9,250 रुपये की इनकम मिलती है।

कैसे उठायें लाभ?

18 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। माता-पिता 10 वर्ष के बच्चे के नाम पर भी अकाउंट खुलवा सकते हैं। नजदीकी डाकघर की शाखा में जाकर स्कीम के लिए आवेदन कर सकते हैं।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य का केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी स्कीम में निवेश की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews