Post Office Scheme: ये है पोस्ट ऑफिस की खास योजना, 200 रुपये से करें शुरुआत, मिलेगी डोरस्टेप की सुविधा

Post Office Scheme: ये है पोस्ट ऑफिस की खास योजना, 200 रुपये से करें शुरुआत, मिलेगी डोरस्टेप की सुविधा

Post Office Scheme: पोस्ट ऑफिस द्वारा कई स्मॉल सेविंग्स स्कीम चलाई जाती है। जिसका लाभ उठाकर आप छोटे निवेश अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। समय-समय पर डाकघर अलग-अलग योजनाएं भी लाता रहता है। उन्हीं में से एक प्रीमियम सेविंग अकाउंट है। इस सेविंग अकाउंट के तहत कई सुविधाएं दी जाती हैं। जिसमें लोन, डोर स्टेप बैंकिंग और कैशबैक इत्यादि शामिल है। 10 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी पूरी करनी होती है।

ऐसे उठायें लाभ

प्रीमियम सेविंग अकाउंट लिए केवाईसी करवाना अनिवार्य होता है। करीब 150 रुपये जीएसटी का भुगतान करना खाता खुलवाने पर लगता हैं। वहीं हर साल 99 रुपये जीएसटी काटी जाती है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कोई भी न्यूनतम राशि खाते के लिए निर्धारित नहीं है, लेकिन 200 रुपये अकाउंट खुलवाने के लिए जरूरी होता है। आप ये अकाउंट पोस्ट ऑफिस के किसी भी ब्रांच में जाकर कर ओपन करवा सकते हैं।

मिलती है कई सुविधाएं

अब इस अकाउंट के तहत मिलने वाली अन्य सुविधाओं की बात करें तो इसमें पैसों की निकासी और डिपाजिट की कोई भी सीमा नहीं होती है। आप अपनी सहूलियत के हिसाब से पैसे निकाल सकते हैं और जमा कर सकते हैं। साथ ही जरूरत के समय बैंक द्वारा डोर स्टेप सुविधा भी दी जाती है। अकाउंटहोल्डर्स को फिजिकल और वर्चुअल दोनों ही प्रकार के डेबिट कार्ड का डेबिट कार्ड की सुविधा भी दी जाती है। बिल भुगतान करने पर कैशबैक भी मिलता है।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। एमपी ब्रेकिंग न्यूज किसी भी स्कीम में निवेश करने की सलाह नहीं देता है। यह जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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