
RBI Action 2024: फरवरी महीने में अब तक रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (Reserve Bank Of India) चार सहकारी बैंक और दो एनबीएफसी पर पेनल्टी थोक चुका है। एक बार फिर आरबीआई ने 4 सहकारी बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने पर इन बैंकों पर 1 करोड़ 13 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
बैंकों के नाम
इस लिस्ट में शामिल दो बैंक महाराष्ट्र, एक बैंक गुजरात और एक बैंक पंजाब का है। इनके नाम हैं:- नव निर्माण को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (अहमदाबाद, गुजरात), बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (महाराष्ट्र), जोरोस्ट्रियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (मुंबई, महाराष्ट्र) और द नकोदर हिंदू अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (जलंधर, पंजाब)
इन बैंक पर लगा सबसे अधिक जुर्माना
केंद्रीय बैंक ने मुंबई मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 63.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बैंक ने एक लाख की विन्यामक सीमा से अधिक नाम मात्र सदस्यों को लोन स्वीकृत और वितरित किया। 2 लाख की विनियामक सीमा से अधिक बुलेट पुनर्भुगतान के विकल्प के साथ लोन स्वीकृत और विस्तृत किया। इसके अलावा निष्कर्ष खाते के सक्रियण के लिए चार्ज वसूले, यह दावा किया की ऐसे सक्रियण के लिए खर्चों की प्रतिपूर्ति है।
दूसरे नंबर पर यह बैंक
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जोरोस्ट्रियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड है। आरबीआई ने बैंक पर 43.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बैंक जमाकर्ताओं को सूचित किए बिना न्यूनतम शेष राशि न रखने के लिए बचत बैंक खातों में दंडात्मक शुल्क वसूला वसूल। व्यक्तिगत जमाकर्ता और स्वामित्व वाली कंपनियों के चालू खातों में उनकी मृत्यु की तारीख से लेकर तारीख तक पड़े शेष पर ब्याज का भुगतान नहीं कर पाया। देरी से धोखाधड़ी की सूचना दी।
पंजाब के इस बैंक पर लगा 6 लाख का जुर्माना
द नकोदर हिंदू अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड गैर निष्क्रियता के लिए बैंक पर 6 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। बैंक आरएससी निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहा। लाभांश का भुगतान किया, एकल उधारकर्ता जोखिम के लिए लागू नियामक सीमा के 50% से अधिक लोन स्वीकृति किया। निर्धारित सीमा से अधिक पूंजीगत व्यय किया । उपहार देकर परिचालन व्यय करते हुए SAF से जुड़े वशिष्ठ निर्देशों का अनुपालन किया।
इस बैंक पर लगा सबसे कम जुर्माना
रिजर्व बैंक में गुजरात के अहमदाबाद में स्थित नवनिर्माण सहकारी बैंक लिमिटेड पर 1 लाख रुपये की पेनल्टी ठोकी है। यह बैंक ने ऐसे लोन स्वीकृत किए, जहां बैंक के निदेशक का रिश्तेदार गारंटी के रूप में खड़ा था।
क्या ग्राहकों पर भी पड़ेगा असर?
केंद्रीय बैंक में सभी बैंकों को एक नोटिस जारी किया, जिसमें कारण बताने की सलाह दी गई। कहा गया, “उक्त निर्देशों का पालन न कर पाने पर जुर्माना क्यों ना लगाया जाए?” बैंकों के प्रतिक्रिया के बाद ही आरबीआई ने मौद्रिक पेनल्टी लगाने का निर्णय सुनाया। हालांकि केंद्रीय बैंक में स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्रवाई का असर ग्राहक और बैंकों के बीच हो रहे लेनदेन पर नहीं पड़ेगा।

