RBI की बड़ी कार्रवाई, 3 बैंक और एक NBFC पर गिरी गाज, लगा भारी जुर्माना 

आरबीआई ने बैंक और एनबीएफसी के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियमों का अनुपालन न करने पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। केवाईसी समेत कई बैंकिंग नियमों का उल्लंघन होने पर यह कदम उठाया गया है। आइए जानें इनमें से किसी एक में आपका खाता तो नहीं?
rbi action

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने तीन सरकारी बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियमों का सही से अनुपालन न करने के आरोप में भारी मौद्रिक जुर्माना लगाया है। ये बैंक कर्नाटक, तमिलनाडु और बिहार में स्थित हैं। इसके अलावा ओडिशा में स्थित ग्लोमोर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड पर भी पेनल्टी लगाई गई है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने 20 नवंबर को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

द नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बिहार पर 1.50 लाख रुपये  का जुर्माना लगाया गया है। श्री बशेश्वर सहकारी बैंक नियमिथा बागलकोट कर्नाटक पर एक लाख रुपये और द  बिग कांचीपुरम को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

बैंकों के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए नाबार्ड और आरबीआई द्वारा 31 मार्च 2024 को निरीक्षण किया गया था। इस दौरान पता चला कि बैंक आरबीआई द्वारा जारी कुछ दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं कर रहे हैं। जांच की रिपोर्ट के आधार पर इन बैंकों को नोटिस जारी किया गया और पूछा गया कि नियम तोड़ने पर उन पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।  बाद में व्यक्तिगत सुनवाई की गई। इस दौरान बैंक की प्रतिक्रिया और मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरबीआई ने  पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

आखिर क्या है वजह? (RBI Action 2025)

  • द नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने पात्र दावा न किए गए अमाउंट को डिपॉजिटर्स एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में ट्रांसफर नहीं किया। साथ ही अपने कस्टमर की क्रेडिट जानकारी भी क्रेडिट इनफॉरमेशन कंपनियों को देने में विफल रहा।
  • श्री बशेश्वर सहकारी बैंक नियमिथा ने इनकम रिकॉग्निशन ऐसेट क्लासिफिकेशन और प्रोविजनिंग नॉर्म्स के हिसाब से कुछ लोन अकाउंट्स को नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट के तौर पर क्लासिफाई नहीं किया। न ही अपात्र एंटिटीज के नाम पर कुछ बचत जमा खाता खोल पाया।
  • द बिग कांचीपुरम को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड अपने ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपलोड करने में विफल रहा।

ग्लोमोर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने तोड़े ये नियम 

यह कंपनी मैनेजमेंट में बदलाव करने के लिए आरबीआई से पहले लिखित परमिशन लेने में विफल रही। जिसके कारण  इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स को छोड़कर उसके 30% से अधिक निदेशक बदले गए। आरोपों की  पुष्टि होने पर आरबीआई ने इसपर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस एक्शन एक्शन प्रभाव बैंक और ग्राहक के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट की वैधता पर नहीं पड़ेगा।

आरबीआई एक्शन का नोटिस यहाँ देखें 

Manisha Kumari Pandey
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