एक्शन मोड में RBI, इन 3 फाइनेंस कंपनियों पर दिखाई सख्ती, लगाया लाखों का जुर्माना 

आरबीआई ने 3 फाइनेंस कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में कमियों का पता चला था। आरोप साबित होने पर यह कदम उठाया गया है। 
RBI action

अगस्त में एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आरबीआई ने 3 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। इस लिस्ट में इंफिनिटी फिनकॉर्प सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, नामदेव फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड और उत्सव सिक्योरिटीज लिमिटेड शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों पर नियमों का सही से अनुपालन न करने के आरोप में मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक में प्रेस विज्ञप्ति के जरिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर दी है।

आरबीआई ने इंफिनिटी फिनकॉर्प सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड पर 5.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक ने केवाईसी और फेयर प्रैक्टिस कोड से संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। नामदेव फिनवेस्ट लिमिटेड पर 2.70 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। जबकि उत्सव सिक्योरिटी लिमिटेड पर 3.90 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। यह कदम आरबीआई ने क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी रेगुलेशन एक्ट 2005 और रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया एक्ट 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया है।

NBFC ने तोड़े ये नियम 

इंफिनिटी फिनकॉर्प सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने के लिए कोई व्यवस्था लागू नहीं कर पाया। जो कम से कम हर 6 महीने में एक बार होना चाहिए था। कंपनी आवेदन पत्रों और मंजूरी पत्रों में जोखिम वर्गीकरण के तरीके और अलग-अलग श्रेणी के उधारकर्ताओं से अलग-अलग ब्याज दर वसूलने के कारण का खुलासा भी नहीं कर पाई।

नामदेव फिनवेस्ट लिमिटेड ने संदिग्ध लेनदेन के की पहचान और रिपोर्टिंग के लिए एक प्रभावशाली सॉफ्टवेयर स्थापित करने में असफल रहा। उत्सव सिक्योरिटीज लिमिटेड ने कंपनी के मुख्य प्रबंध कर्मियों के अन्य एनबीसी मिडिल लेयर में पद (डायरेक्टरशिप) संभाले। इसके अलावा कंपनी कुछ लोन खातों की क्रेडिट जानकारी CIC को जमा करने भी नहीं कर पाई।

ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा 

आरबीआई  स्पष्ट किया है कि कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। सभी लेनदेन और एग्रीमेंट पहले ही की तरह  ही जारी रहेंगे।  31 मार्च 2025 तक आरबीआई द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला था। इसके बाद नोटिस जारी करते हुए कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर जब आरोप सही साबित हुए, तो पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

Manisha Kumari Pandey
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