
अगस्त में एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। केवाईसी और अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर आरबीआई ने दो कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। इन पर पेनल्टी लगाई गई है। जिसकी जानकारी सेंट्रल बैंक में 21 अगस्त को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। यह कदम आरबीआई एक्ट 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया गया है।
श्रीराम फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड पर 8.10 लाख रुपये का जुर्माना आरबीआई ने लगाया है। Progfin प्राइवेट लिमिटेड पर 2.70 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। 31 मार्च 2025 तक आरबीआई ने कंपनियों की वित्तीय स्थिति जानने के लिए एक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला।
नोटिस जारी कर आरबीआई ने मांगा जवाब
जांच की रिपोर्ट के आधार कंपनियों से नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर जब आरोप सही साबित हुए थे, तो पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि आरबीआई ने यह स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का असर कंपनियों और ग्राहकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा।
कंपनियों ने तोड़े ये नियम
प्रोगफिन प्राइवेट लिमिटेड ने आरबीआई द्वारा जारी केवाईसी संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने के लिए कोई व्यवस्था लागू नहीं कर पाया। यह समीक्षा 6 महीने में काम से कम एक बार होनी चाहिए थी।
श्रीराम फाइनेंस कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड ने एक डायरेक्टर की नियुक्ति के समय आरबीआई से पूर्व लिखित अनुमति नहीं ली। जिससे मैनेजमेंट में बदलाव हुआ और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स को छोड़कर 30% से अधिक निदेशक बदले गए थे। कंपनी अपने ग्राहकों को कम, मध्य और उच्च जोखिम वाली श्रेणियां में वर्गीकृत करने के लिए सिस्टम लागू नहीं कर पाई। न ही समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड कर पाई।

