इन 5 बैंकों ने किया नियमों का उल्लंघन, RBI ने उठाया सख्त कदम, लगाया भारी जुर्माना 

आरबीआई ने 5 सहकारी बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। पेनल्टी लगाई गई है। निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला था। आइए जानें ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
RBI action

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पाँच सरकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया है। इस लिस्ट में शामिल दो बैंक महाराष्ट्र में स्थित हैं। बाकी ओडिशा, बिहार और गुजरात में स्थित हैं। आरबीआई द्वारा जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन होने पर यह कदम उठाया गया है। इसकी जानकारी सेंट्रल बैंक ने 13 जुलाई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर दी है।

बिहार के द नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। ओडिशा में स्थित द संबलपुर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड पर 8 लाख रूपये की पेनल्टी लगाई गई है। जबकि गुजरात के सूरत में स्थित सूरत पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 13.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

महाराष्ट्र के चिखली में स्थित द चिखली अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 13 रुपये और अहमदनगर में स्थित अशोक सहकारी बैंक लिमिटेड पर 10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है।

बैंकों ने तोड़े ये नियम 

महाराष्ट्र के अशोक सहकारी बैंक लिमिटेड ने निदेशकों से संबंधित लोन मंजूर किये। द चिखली अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड निर्धारित समय सीमा के भीतर पात्र अनक्लेम्ड अमाउंट को डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड को ट्रांसफर करने में विफल रहा। इसके अलावा जमीन खरीदने के लिए बिल्डर और कॉन्ट्रैक्टर्स को लोन स्वीकृत किया। इतना ही नहीं बैंक संदिग्ध लेनदेन की प्रभावी पहचान और रिपोर्टिंग के लिए एक मजबूत सॉफ्टवेयर स्थापित करने में भी नाकाम रहा।

बिहार के द नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर ग्राहकों का केवाईसी रिकॉर्ड निर्धारित समय सीमा के भीतर अपलोड नहीं कर पाया। ओडिशा के संबलपुर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड पात्र अनक्लेम्ड अमाउंट को डिपॉजिटेड एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में ट्रांसफर नहीं कर पाय।  इसके अलावा ग्राहकों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा के लिए एक सिस्टम स्थापित करने में विफल रहा। सूरत पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के कुछ डायरेक्टर बोर्ड मीटिंग में शामिल हुए थे, जिनमें उन प्रस्तावों परचर्चा और मंजूरी दी गई थी, जिनमें उनकी सीधी अप्रत्यक्ष दिलचस्पी थी।

निरीक्षण में हुआ था दिशानिर्देश के उल्लंघन का खुलासा 

इन बैंकों के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए नाबार्ड/आरबीआई द्वारा एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला। इसके बाद एक नोटिस जारी करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्टीकरण मांगा। नोटिस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही साबित हुए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि आरबीआई ने यह भई स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट नहीं पड़ेगा।

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

Manisha Kumari Pandey
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