इन 3 बैंकों को महंगी पड़ी नियमों की अनदेखी, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया लाखों का जुर्माना

आरबीआई ने 3 बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। नियमों का उल्लंघन होने पर पेनल्टी लगाई है। एक निरीक्षण के दौरान इसका खुलासा हुआ था। आइए जानें ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
RBI action

जुलाई में एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी कार्रवाई (RBI Action) सामने आई है। महाराष्ट्र के दो और ओडिशा के एक बैंक पर जुर्माना लगाया गया है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर दी है। नियमों का उल्लंघन होने पर यह कदम उठाया गया है। किसी से लोन तो किसी ने केवाईसी से जुड़े दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है।

मार्च 2025 तक बैंकों के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए आरबीआई/नाबार्ड ने एक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशानिर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला। जिसके बाद नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। नोटिस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लगाया गया।

इन दो बैंकों ने किया लोन से जुड़े नियमों का उल्लंघन 

महाराष्ट्र के मनमाड में स्थित मनमाड अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (महाराष्ट्र) पर 13.30 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। दोनों बैंकों निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए हैं। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया है।

ओडिशा के इस बैंक ने तोड़े केवाईसी संबंधित नियम 

ओडिशा में स्थित द यूनाइटेड पुरी-निमपाड़ा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने आरबीआई द्वारा जारी केवाईसी संबंधित नियमों का उल्लंघन किया।निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं कर पाया। आरोप सही साबित होने पर आरबीआई ने 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा? 

भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि तीनों बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर खाताधारकों पर नहीं पड़ेगा। सभी सेवाओं पहले की तरह उपलब्ध रहेंगी। आरबीआई ने बताया कि यह कार्रवाई विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य बैंकों और ग्राहकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन नहीं पड़ेगा। न ही सेंट्रल बैंक द्वारा होने वाली भविष्य में किसी अन्य कार्रवाई पर इसका कोई असर पड़ेगा।

Manisha Kumari Pandey
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