इन 3 बैंकों पर गिरी गाज, नियमों का उल्लंघन होने पर RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया भारी जुर्माना 

आरबीआई ने 3 बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। दिशानिर्देशों का सही से अनुपालन होने पर पेनल्टी लगाने गई है। केवाईसी और लोन से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। 
rbi action

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने तीन सहकारी बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है, जो महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में स्थित हैं। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 25 जून को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है। निरीक्षण के दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला था।

पश्चिम बंगाल में स्थित नबापल्ली को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। महाराष्ट्र के चालीसगांव में स्थित द मॉडर्न को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। तमिलनाडु में स्थित द लालगुड़ी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर सेंट्रल बैंक में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि 31 मार्च 2025 तक इन बैंकों की वित्त स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान पता चला कि यह बैंक नियमों का सही से अनुपालन नहीं कर रहे हैं। फिर नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान आरोप सही साबित होने पर जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया।

बैंकों ने तोड़े ये नियम

लालगुड़ी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड ने अपने सदस्यों को शेयर कैपिटल का रिफंड करने की अनुमति दी। इसके अलावा उधार लेने के लिए शेयर लिंक के नियमों का पालन किए बिना ही कुछ लोन मंजूर किए। नबापल्ली को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और द मॉडर्न को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड निर्धारित समयसीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं किया। इसके अलावा मॉडर्न को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने एकल उधारकर्ता के लिए तय रेगुलेटरी सीमा का उल्लंघन भी किया।

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर

तीनों बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों पर संबंधित ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। सभी सेवाओं का लाभ पहले की तरह ही उठा पाएंगे। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा कि “यह कार्रवाई विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे ट्रांजेक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर प्रभाव डालना नहीं है।”

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews