एक्शन मोड में RBI, इन 10 फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस रद्द, 7 NBFCs ने सरेंडर किया CoR, देखें खबर 

सीओआर रद्द होने कंपनियों को अब एनबीएफसी के तौर पर बिजनेस करने की अनुमति नहीं होगी। आरबीआई ने आदेश जारी कर दिया है। आइए जानें किन कंपनियों पर केन्द्रीय बैंक का डंडा चला है?
rbi action

RBI Action: नए साल में भी आरबीआई की कार्रवाई जारी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक साथ 10 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन यानि लाइसेंस रद्द कर दिया है। इस लिस्ट में शामिलएनबीएफसी पश्चिम बंगाल में स्थित है हैं। वहीं 7 कंपनियों ने खुद अलग-अलग कारणों से CoR सरेंडर कर दिया है।

इस बात की जानकारी आरबीआई ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। सीओआर रद्द करने का आदेश 9 जनवरी को जारी किया गया था। केन्द्रीय बैंक के बयान के मुताबिक जिन कंपनियों का सीओआर रद्द हुआ है, उन्हें गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान का कारोबार करने की अनुमति अब नहीं होगी।

इन कंपनियों का लाइसेंस रद्द हुआ (NBFCs License Cancelled)

  • ईस्ट इंडिया लीजिंग कंपनी लिमिटेड
  • ककरानिया ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड
  • एकदंत कैपिटल मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड
  • गोल्ड स्टार बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड
  • साइबर एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
  • जीत फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड
  • बावीसन मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड
  • एक्सपेक्टिव डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • जे.एम टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड

इन कंपनियों ने सरेंडर किया लाइसेंस 

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बिजनेस से बाहर होने के कारण दिल्ली की चार कंपनियों ने अपना सीओआर आरबीआई को सरेंडर कर दिया है। इसमें स्ट्राइकर फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड, नरिंद्र सिंह एंड संस प्राइवेट लिमिटेड, मोंटगोमरी फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, श्री महालक्ष्मी इन्वेस्टमेंट एंड प्रॉपर्टी को. प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। अपंजीकृत कोर निवेश कंपनी के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा करने के कारण टिन्ना फाइनेंस लिमिटेड, नई दिल्ली ने अपना सीओआर सरेंडर किया है। इसके अलावा चेन्नई में स्थित रैमकॉम सेल्स प्राइवेट लिमिटेड और कोलकाता में स्थित एसएसडी इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने भी अपना लाइसेंस सरेंडर किया है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews