एक्शन मोड में RBI, इस बैंक का लाइसेंस रद्द, 19 मई से बैंकिंग बिजनेस बंद

 आरबीआई ने महाराष्ट्र में स्थित एक बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। दो अन्य बैंकों पर भी सख्त कार्रवाई हुई है। किसी पर प्रतिबंध लगाया गया है तो किसी पर जुर्माना। आइए जानें ग्राहकों पर इसका असर पड़ेगा?
RBI action

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत द यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड फलतान महाराष्ट्र का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इस बैंक को 19 मई से बैंकिंग बिजनेस को बंद करने का निर्देश दिया गया है। आरबीआई ने ने महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों  के रजिस्ट्रार को लिक्विडेटर की नियुक्ति और बैंक के बंद होने से संबंधित आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।

इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने मंगलवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है। सेंट्रल बैंक ने बताया कि द यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं है। इसका बने रहना जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। वर्तमान में इसकी स्थिति इतनी खराब है कि यह पने जमाकर्ताओं को पूरी राशि का पुनर्भुगतान भी नहीं कर सकता। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक को जमा स्वीकार और  जमा की वापसी करने समय करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि जमा कर्ताओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?

प्रत्येक जमाकर्ता डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन से अपनी जमा राशि पर बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। इस अमाउंट की लिमिट 5 लाख रुपये तय की गई है। बैंक द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 20 अप्रैल 2026 तक DICGC कुल बीमित राशि में से 106.96 करोड़ रुपये  का भुगतान पहले ही कर चुका है।

इस बैंक पर लगा प्रतिबंध 

इटावा में स्थित नगर सहकारी बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। 18 मई से बैंक को बिजनेस बंद करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि अब तक लाइसेंस रद्द नहीं हुआ है, 6 महीने तक बैंक के वित्त स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद निर्देशों में बदलाव की हो सकता है। ग्राहक  अधिकतम 10,000 रुपये अपने अकाउंट से निकाल सकते हैं। वहीं प्रत्येक जमाकर्ता अपनी जमा राशि पर डीआईसीजीसी से 5 लाख रुपये बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।

इस बैंक पर लगा जुर्माना 

द औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बिहार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।  इस बैंक ने चार क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी में से किसी भी एक कंपनी को अपने उधारकर्ताओं की क्रेडिट जानकारी जमा नहीं की। ऐसे में क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी रेगुलेशन एक्ट 2005 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन हुआ।

31 मार्च 2025 तक नाबार्ड ने बैंक की वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए निरीक्षण किया था। इस दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला। कारण बताओ नोटिस पर मिली प्रतिक्रिया और मौखिक सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर अभी आरोप सही पाए गए। जिसके बाद पेनलरी लगाने का फैसला लिया है। हालांकि ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

Manisha Kumari Pandey
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