RBI ने दिखाई सख्ती, इस बैंक का लाइसेंस रद्द, 12 मई से बिजनेस बंद करने का आदेश, जानें डिटेल

आरबीआई ने महाराष्ट्र में स्थित एक बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। अब इसे जमा राशि स्वीकार करने, लोन समेत अन्य बैंकिंग व्यवसाय जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। आइए जानें ग्राहकों पर इस कार्रवाई का क्या असर पड़ेगा?
RBI action

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने मुंबई में स्थित सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। 12 मई से बैंकिंग व्यवसाय बंद करने आदेश आरबीआई ने दिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र के सरकारी समितियों के रजिस्ट्रार और सहकार आयुक्त को बंद करने और परिसमापक नियुक्ति से संबंधित आदेश जारी करने का अनुरोध भी किया है।

बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने का कदम आरबीआई ने BR अधिनियम की धारा 56 और धारा 22 के तहत उठाया है। यह बैंक विभिन्न दिशानिर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहा। अब इस बैंक को जमा स्वीकार या जमा की वापसी, लोन स्वीकृत करने या रिन्यू करने इत्यादि बैंकिंग बिजनेस की अनुमति नहीं होगी।

क्यों उठाया गया यह कदम?

आरबीआई ने बताया कि इस बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं है। इसकी स्थिति इतनी खराब है कि यह यह जमाकर्ताओं को पूरी राशि का भुगतान भी नहीं कर सकता। इसका बने रहना जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए सेंट्रल बैंक ने लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया है।

ग्राहकों के पैसों का क्या होगा?

जमाकर्ताओं के लिए सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। DICGC अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत हर जमाकर्ता डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन से अपनी जमा राशि पर 5 लाख रुपये की सीमा तक जमा बीमा दावा राशि पानी का हकदार होगा।

बैंक द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 98.36 प्रतिशत जमाकर्ताओं को अपनी पूरी राशि के हकदार होंगे। 31 मार्च 2026 तक डीआईसीजीसी ने बैंक से संबंधित जमाकर्ताओं को उनकी मंजूरी मिलने पर बीमित राशि में से 26.72 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है।

Manisha Kumari Pandey
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