एक्शन में RBI, इस प्राइवेट बैंक पर लगा जुर्माना, एक फाइनेंस कंपनी पर भी गिरी गाज

आरबीआई ने एक बैंक और एक एनबीएफसी के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियमों का उल्लंघन करने पर पेनल्टी लगाई है। आइए जानें कहीं इसमें आपका अकाउंट तो नहीं?
rbi action

नियमों का उल्लंघन होने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सख्त कदम उठाता रहता है। नवंबर में कई बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लग चुका है। अब इस लिस्ट में देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक भी शामिल हो चुका है। आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक पर 91 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

31 मार्च 2024 को हुए निरीक्षण के दौरान  केवाईसी से जुड़े नियमों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ था। जांच की रिपोर्ट देखते हुए आरबीआई ने बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया। व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान आरोपों की पुष्टि हुई। इसलिए केंद्रीय बैंक पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। कस्टमर्स पहले ही तरह लेनदेन और एग्रीमेंट जारी रख पाएंगे।

HDFC बैंक ने तोड़े ये नियम 

बैंक ने एक ही लोन कैटेगरी में कई बेंचमार्क अपनाए थे। इसकी पूरी तरह से मलिकाना हक वाली एक सब्सिडियरी ने ऐसा बिजनेस किया, जो बीआर एक्ट के सेक्शन 6 के तहत किसी बैंकिंग कंपनी को करने की अनुमति नही है। इसके अलावा कुछ कस्टमर के केवाईसी नियमों का पालन तय करने का काम अपने आउटसोर्सिंग एजेंट को आउटसोर्स कर दिया था। यह कार्रवाई कानूनी और रेगुलेटरी नियमों के खामियों के आधार पर की गई है।

इस NBFC पर हुई कार्रवाई 

आरबीआई ने मन्नाकृष्णा इन्वेस्टमेट्स प्राइवेट लिमिटेड पर गवर्नेंस इश्यूज से संबंधित आरबीआई द्वारा जारी “मास्टर डायरेक्शन- रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी स्केल बेस्ड रेगुलेशन) डायरेक्शन 2023 के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मार्च 2024 को किए गए कानूनी इंस्पेक्शन में दिशा निर्देशों के उल्लंघन का खुलासा हुआ था। व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान आरोप सही पाए गए। इस कंपनी ने डायरेक्टर नियुक्ति करते समय आरबीआई से पहले लिखित अनुमति नहीं ली थी। जिसके कारण इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को छोड़कर 30% से अधिक निदेशक बदलने के कारण मैनेजमेंट में बदलाव हुआ।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews