
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने तमिलनाडु में स्थित द मेट्टूपलायम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। 31 मार्च 2025 को बैंक के फाइनेंशियल स्टेटस को चेक करने के लिए निरीक्षण किया गया था। इस दौरान आरबीआई को पता चला कि नियमों का सही से अनुपालन नहीं हो रहा है। जांच रिपोर्ट को देखते हुए इस बैंक को नोटिस जारी किया गया और पूछा गया कि उन पर जुर्माना क्यों ना लगाया जाए।
व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से प्राप्त प्रतिक्रिया और दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही पाए गए। जिसके बाद आरबीआई ने द मेट्टूपलायम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इस बात की जानकारी गुरुवार को केंद्रीय बैंक ने 13 नवंबर गुरुवार को दी है।
बैंक ने तोड़े ये नियम
इस सहकारी बैंक ने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए। इसके नाम मात्र सदस्यों को निर्धारित नियामक सीमा से अधिक लोन भी दिया किया । ऐसे में लोन आरबीआई द्वारा जारी “निदेशक, उनके रिश्तेदारों और जिन फार्मा / संस्थानों में रुचि रखते हैं, उन्हें लोन या एडवांस ” और “एक्स्पोज़र मानदंड और वैधानिक/अन्य प्रबंध शहरी सहकारी बैंक पर जारी कुछ निर्देशों का उल्लंघन। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के प्रावधानों के तहत इस पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर?
केंद्रीय बैंक में यह स्पष्ट किया है कि बैंक के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे ट्रांजेक्शन या एग्रीमेंट के वैधता पर प्रभाव डालना नहीं है। आरबीआई ने यह कदम बैंकिंग सेक्टर में नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। नवंबर महीने में अब तक कई बैंकों और एनबीएफसी के खिलाफ सख्ती हो चुकी है। 12 नवंबर को ही दो नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों का लाइसेंस रद्द किया गया था। 10 नवंबर को तीन बैंकों पर पेनल्टी लगाई गई थी। जबकि 7 नवंबर को एक बैंक पर प्रतिबंध लगाया गया था।

