नियमों का उल्लंघन होने पर RBI ने उठाया सख्त कदम, इस बैंक पर लगा 3.30 लाख रुपये का जुर्माना 

आरबीआई ने महाराष्ट्र के सहकारी बैंक पर पेनल्टी लगाई है। एक निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में कमी का खुलासा हुआ था। आइए जानें ग्राहकों पर इस कार्रवाई का क्या असर पड़ेगा?
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अप्रैल में अब तक रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) का कई बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर चुका है। “समूह उधारकर्ताओं के लिए एक्स्पोज़र सीमा” पर जारी दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने पर आरबीआई ने सख्त कदम उठाया है। मुंबई में स्थित जनकल्याण सहकारी बैंक  लिमिटेड पर 3.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

यह कदम आरबीआई ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के विभिन्न प्रवधानों के तहत उठाया गया है। इस बात की जानकारी सेंट्रल बैंक ने 27 अप्रैल को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। 24 अप्रैल को कार्रवाई से संबंधित आदेश बैंक को जारी किया गया था।

इंस्पेक्शन के दौरान हुआ था नियमों के उल्लंघन का खुलासा 

बैंक के वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई ने एक निरीक्षण किया था। इस दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला था। जिसके बाद बैंक को एक कारण बताओं नोटिस जारी किया। इस पर मिले जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिकदलीलों पर विचार करने के बाद सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद ही पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

बैंक ने तोड़े ये नियम 

बैंक में कुछ मामलों में समूह उधारकर्ताओं के लिए निर्धारित विवेकपूर्ण एक्स्पोज़र सीमा का उल्लंघन किया था। हालांकि इस कारवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने इस बात की पुष्टि खुद की है। सेंट्रल बैंक ने कहा कि, “यह एक्शन नियमों के अनुपालन में पाई गई कमियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई प्रभाव डालना नहीं है।”

Manisha Kumari Pandey
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