
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में स्थित सहकारी बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियम तोड़ने पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इससे पहले चारों बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। आरबीआई ने पूछा था कि दिशानिर्देशों का अनुपालन न करने पर उनपर जुर्माना क्यों न लगाया जाए? जांच में दी गई प्रस्तुतियों और बैंक के रिप्लाइ के आधार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
द नांदेड डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (महाराष्ट्र), द विजयपुरा जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (कर्नाटक), द पोनानी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (केरल) और द पुरसावलकम को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (तमिलनाडु) शामिल हैं। आरबीआई ने यह कदम बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया है। बता दें केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है की बैंकों के हिसाब की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे लेनदेन और एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा।
द नांदेड डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
इस बैंक पर आरबीआई ने 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह अलर्ट जारी करने वाला एक मजबूत सॉफ्टवेयर स्थापित नहीं कर पाया। न ही उधारकर्ताओं की जानकारी सभी चार सीआईसी को प्रस्तुत कर पाया।
द विजयपुरा जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
कर्नाटक में स्थित द विजयपुराय डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने अपने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए। जो आरबीआई द्वारा जारी दिशानिर्देशों के खिलाफ था। नाबार्ड द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान इस बात का पता चला था। आरोपों की पुष्टि होने के बाद इस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
द पुरसावलकम को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
इस बैंक सुपरवाइजरी एक्शन फ्रेमवर्क (एसएएफ) और यूसीबी संबंधित दिशा निर्देशों का अनुपालन न करने के आरोप में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने अपने सदस्यों को शेयर पूंजी की वापस करने की अनुमति दी, जबकि उसका सीआरएआर नियामक न्यूनतम से कम था। इसके अलावा नए लोन और एडवांस के लिए एकल उधारकर्ता जोखिम सीमा को लागू नियामक सीमा से 50% तक काम नहीं किया।
द पोनानी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
केरल के इस सहकारी बैंक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसपर अपात्र संस्थानों के नाम पर सेविंग डिपॉजिट अकाउंट खोलने का आरोप था। 31 मार्च 2025 को किए गए एक निरीक्षण के दौरान इसका पता चला था।

